नई दिल्ली: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज समाप्त होने के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज (India vs West Indies) के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने जा रही है। यह सीरीज आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 (WTC 2025-27) के तहत होगी। इस अभियान की अगुवाई कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) और हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) करेंगे। टीम का लक्ष्य टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाना है।
लेकिन ऐसे समय में कुछ अनुभवी खिलाड़ी हैं, जो लंबे समय से टेस्ट टीम में वापसी का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से तीन नाम ऐसे हैं जिनका टीम इंडिया (Team India) के साथ गहरा नाता रहा है, लेकिन अब वे चयनकर्ताओं की प्राथमिकता से बाहर नजर आ रहे हैं। जानिए कौन हैं ये तीन अहम खिलाड़ी:
मोहम्मद शमी (Mohammed Shami)
भारतीय पेस अटैक के अहम स्तंभ रहे मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) बीते लंबे समय से टेस्ट टीम से बाहर हैं। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। तब से अब तक फिटनेस से जुड़ी समस्याएं उनकी वापसी में रोड़ा बनी हुई हैं।शमी के नाम 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट दर्ज हैं और उनकी धारदार गेंदबाजी की टीम को जरूरत महसूस होती रही है। लेकिन जब तक वह फिट नहीं होते, चयनकर्ताओं की नजरों में आना उनके लिए मुश्किल बना रहेगा।
श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer)
मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) भी टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जगह मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अंतिम स्क्वॉड में उनका नाम नहीं आया।
उन्होंने 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट खेला था। अब तक अय्यर ने 14 टेस्ट मैचों में 811 रन बनाए हैं, जिनमें 1 शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं। तकनीकी तौर पर मजबूत बल्लेबाज होने के बावजूद उनकी टेस्ट टीम में वापसी अधर में लटकी हुई है।
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अक्षर पटेल (Axar Patel)
ऑलराउंडर अक्षर पटेल (Axar Patel) भी उन खिलाड़ियों में हैं जो टीम में अपनी जगह दोबारा बनाने की कोशिश में जुटे हैं। उन्होंने इस साल 2024 में आखिरी बार टेस्ट मैच खेला था, लेकिन तब से उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला।अक्षर ने अब तक 14 टेस्ट में 646 रन और 55 विकेट लिए हैं। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन को देखते हुए माना जा रहा था कि वे टीम में वापसी करेंगे, लेकिन उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया है।
जहां एक ओर भारत नई कप्तानी और कोचिंग स्टाफ के साथ भविष्य की ओर बढ़ रहा है, वहीं इन अनुभवी चेहरों की वापसी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन खिलाड़ियों का अनुभव और प्रदर्शन टीम इंडिया को मजबूती दे सकता है, लेकिन सेलेक्टर्स की योजनाओं में उनकी जगह बनना अब चुनौतीपूर्ण हो गया है।



