पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न गठबंधन, दल और प्रत्याशी एक से बढ़कर एक वादे और दावे युवाओं को अपने पाले में करने के लिए कर रहे हैं। इसका प्रमुख कारण मतदाताओं की संख्या में उनकी निर्णायक भागीदारी है। चुनाव आयोग के आंकड़े के अनुसार, नौकरी की आस रखने वाले आयु वर्ग के लगभग 53 प्रतिशत मतदाता हैं, जिनकी आकांक्षाएं इस चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरी हैं।
युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा है
युवा वर्ग है जो सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा है। राज्य में सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा आयोजित करने वाले प्रमुख आयोगों बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी), बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी), बिहार तकनीकी सेवा आयोग (बीटीएससी), बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में विभिन्न वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा इस प्रकार निर्धारित है। सामान्य वर्ग (पुरुष): अधिकतम आयु 37 वर्ष सामान्य वर्ग (महिला), पिछड़ा व अतिपिछड़ा श्रेणी: अधिकतम आयु 40 वर्ष अनुसूचित जाति एवं जनजाति: अधिकतम आयु 42 वर्ष बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (नियुक्तियां): अधिकतम आयु 55 वर्ष तक 18 से 39 वर्ष के युवा मतदाताओं की संख्या 3.70 करोड़ युवाओं की निर्णायक शक्ति को आंकड़ों से समझा जा सकता है। चुनाव आयोग के अनुसार:18 से 19 वर्ष आयु वर्ग: 14 लाख 1 हजार 150 मतदाता 20 से 29 आयु वर्ग: 1 करोड़,63 लाख 25 हजार 614 मतदाता 30 से 39 आयु वर्ग (सर्वाधिक): 1 करोड़ 92 लाख 74 हजार808 मतदाताइस तरह, 18 से 39 वर्ष आयु वर्ग वाले मतदाताओं की कुल संख्या 3 करोड़ 70 लाख 1 हजार 572 है, जो कुल मतदाताओं में 49.87 प्रतिशत की भागीदारी रखते हैं। वहीं, 40 से 49 वर्ष आयु वर्ग वाले मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 57 लाख 88 हजार 312 है।
इसको भी पढ़ें: ‘जंगलराज’ पर नीतीश का वार, बिहार को देंगे ‘रोजगार’
बिहार देश का सबसे युवा आबादी वाला राज्य
बिहार देश का सबसे युवा आबादी वाला राज्य पटना विश्वविद्यालय के जनसंख्या अनुसंधान केंद्र के तकनीकी प्रमुख रहे डॉ. दिलीप कुमार ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, “विश्व में सबसे युवा देश भारत है और देश में सबसे युवा आबादी वाला राज्य बिहार ही है।” उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 80 लाख स्नातक की उपाधि प्राप्त किए हुए हैं, जो राज्य की कुल जनसंख्या के 6.11 प्रतिशत हैं।डॉ. कुमार के अनुसार, वर्ष 2041के बाद 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग वालों की आबादी बढ़ेगी। हालांकि, आगामी विभिन्न चुनावों में भी 30 -40 वर्ष आयु वर्ग वाले मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक रहेगी, जैसा कि वर्तमान चुनाव में भी 30 से 39 वर्ष आयु वर्ग वालों की संख्या अन्य सभी श्रेणियों में सबसे अधिक है।यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि चुनावी वादों का केंद्र सरकारी नौकरी और रोजगार सृजन क्यों बना हुआ है, क्योंकि इन मतदाताओं की संख्या और उनकी आकांक्षाएं ही इस चुनाव की दिशा तय करेंगी।



