बिहार में मूर्ति विसर्जन और जुलूस के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य

बिहार में दुर्गा पूजा के अवसर पर शांति बनाए रखने के लिए सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पूजा पंडालों और जुलूस के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है और अनुमति प्राप्त जुलूसों की वीडियोग्राफी होगी। लगभग 16 हजार प्रतिमाएं स्थापित होने की संभावना है। पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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पटना: राज्य में दुर्गापूजा त्योहार को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्था की गई है। इस बार विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं। इसके मद्देनजर दुर्गापूजा समेत आगामी सभी पर्व-त्योहारों में चौकसी चाक-चौबंद कर दी गई है। दुर्गापूजा में बिना लाइसेंस के कोई भी पंडाल नहीं बनेगा और न ही कोई मूर्ति विसर्जन होगी। किसी तरह का जुलूस भी बिना लाइसेंस के नहीं निकाला जाएगा। सभी जुलूस की वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी गई है। सभी पूजा-पंडालों को संबंधित थाना से इसे लेकर लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य में पिछले कुछ वर्ष से औसतन 15 से 16 हजार प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। पिछले वर्ष तरह इस वर्ष भी करीब 16 हजार प्रतिमाएं स्थापित होने की संभावना है।
पुलिस मुख्यालय ने पूजा के दौरान तमाम सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से करने के साथ ही सभी थानों को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का सख्त निर्देश जारी किया है। राज्य के किसी थाना क्षेत्र में कोई हंगामा होता है या किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो इसके लिए दोषी पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दुर्गा पूजा में सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथि को ग्रामीण तथा सुदूरवर्ती इलाकों से माता का दर्शन करने तथा पूजा पंडाल देखने लाखों की संख्या में लोग शहरों की तरफ आते हैं। उनके आवागमन के दौरान रास्ते में कई बार छिनतई, छेड़खानी और लूटपाट जैसी घटनाएं होती हैं। ऐसे में पुलिस को ऐसे रास्तों की पहचान खासतौर से करते हुए यहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था बहाल की जाए। शहर किनारे के इलाकों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखी जाए।

सीमा से लेकर गली-मोहल्लों तक मुस्तैदी

बिहार से जुड़ने वाली नेपाल की सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। सभी चौकियों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है। सीमा पर मौजूद करीब 127 थानों को गश्ती बढ़ाने के साथ ही चेकिंग अभियान तेज करने के लिए कहा गया है। पूजा-पंडालों की सुरक्षा और जुलूस में सुरक्षा की समुचित व्यवस्था के साथ ही तमाम मानकों का पालन हर हाल में करने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल की चौकसी भी बढ़ा दई गई है। इसे लेकर हाल में एक अहम बैठक भी की गई थी, जिसमें स्थानीय प्रशासन और थाना के साथ समुचित समन्वय स्थापित करके कार्य करने के लिए कहा गया था। नेपाल सीमा के साथ ही पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर भी चौकसी के साथ चेकिंग बढ़ा दी गई है। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी से निगरानी बरती जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर सादे लिबास में पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।

सोशल मीडिया पर भी रखी जा रही सख्त नजर

सभी जिलों में मौजूद सोशल मीडिया यूनिट के अलावा राज्य मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया कमांड सेंटर को भी पूरी तरह से मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हर तरह की गतिविधि को हमेशा ट्रैक करते रहने का निर्देश दिया गया है। किसी तरह की आपत्तिजनक जानकारी या पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। साथ ही पूजा में साइबर फ्रॉर्ड या अपराधियों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। पूजा में ऑफर के नाम पर ठगी घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसके मद्देनजर लोगों को निरंतर सजग रहने का भी सलाह दिया गया है।

पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम को किया गया सक्रिय

पुलिस मुख्यालय में मौजूद नियंत्रण कक्ष को भी चौबीस घंटे सक्रिय कर दिया गया है। सभी जिलों से निरंतर रिपोर्ट तलब की जा रही है। मुख्यालय के वरीय अधिकारी निरंतर सभी बड़ी घटनाओं पर नजर बनाए हुए हैं। मुख्यालय ने सभी संवेदनशील स्थानों पर जुलूस में पुलिस स्कॉट की व्यवस्था के अलावा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन सख्ती से करने के लिए कहा है। पदाधिकारियों को निरंतर गश्ती करते रहने के निर्देश दिए गए हैं। विसर्जन जुलूस के मार्ग में पड़ने वाले दूसरे समुदाय के धार्मिक स्थलों पर मैजिस्ट्रेट की तैनाती रहेगी। सभी थानों को असामाजिक तत्वों से बंध-पत्र भरवा लिया गया है।

पूजा-पंडाल को लेकर जारी कुछ दिशा-निर्देश

पंडालों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। अग्निशमन से जुड़े उपकरण भी पर्याप्त संख्या में मौजूद हो। पानी से भरे कुछ ड्रम भी पंडाल के पीछे वाले हिस्से में रखे जाएं, ताकि किसी आपात स्थिति में इनका उपयोग किया जा सके। किसी पंडाल में कोई ऐसी झांकी, चित्र, स्लोगन या दृश्य प्रदर्शित नहीं होंगे, जिससे किसी की भावना आहत हो। लाउडस्पीकर को निर्धारित डेसिबल के साउंड में ही बजाना है। रात 10 बजे के बाद इन्हें बंद कर देना है।

डीजीपी, बिहार पुलिस विनय कुमार

सभी जिलों के एसपी से लेकर थाना स्तर तक सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए कहा गया है। अगर उपद्र से संबंधित कोई कांड कहीं दर्ज होगा, तो उसकी स्पीडी ट्रायल करवाकर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। जनता से अनुरोध है कि किसी स्थिति में कानून को हाथ में नहीं लें। पुलिस को किसी घटना की सूचना तुरंत दें।

Sanjay Rai

sanjayrai.dj@gmail.com

संजय राय ने बीते 25 साल के प्रोफेशनल कैरियर में स्वास्थ्य, अपराध, शिक्षा, विकास समेत सभी बीट की कवरेज की है। दिल्ली सरकार, विधानसभा की कार्यवाही, भाजपा, कांग्रेस, आप सरीखे राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक-सांस्कृतिक व आंदोलनात्मक गतिविधियों को भी कवर किया है। कई सत्रों में संसद की कार्यवाही पर भी कलम चलाई है। फिलवक्त NewG India में बतौर सीनियर स्पेशल काॅरेस्पोंडेंट अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

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