नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़ी खबर दी है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 22 अधिदेशित फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में उल्लेखनीय वृद्धि की है। यह फैसला कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों पर आधारित है। हर साल राज्य सरकारों और केंद्रीय मंत्रालयों की राय लेने के बाद यह तय किया जाता है।
2018-19 के बजट में घोषित सिद्धांत के तहत एमएसपी को उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुना रखा जाता है। यानी किसानों को लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत मुनाफा मिलेगा। यह खरीफ, रबी और अन्य वाणिज्यिक फसलों पर लागू होगा। 2015-16 की तुलना में 2025-26 में एमएसपी में औसतन 50-100 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे किसान बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रहेंगे।
खरीफ फसलों पर फोकस: धान-दालें महंगी
खरीफ फसलों में सबसे ज्यादा फायदा धान के किसानों को मिलेगा। सामान्य धान का एमएसपी 1410 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2369 रुपये हो गया है। ग्रेड ‘ए’ धान 1450 से 2389 रुपये। ज्वार (हाइब्रिड) 1570 से 3699 रुपये और बाजरा 1275 से 2775 रुपये। रागी में तो 1650 से 4886 रुपये की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। दालों में अरहर 4625 से 8000 रुपये, मूंग 4850 से 8768 रुपये और उड़द 4625 से 7800 रुपये। तिलहन फसलों जैसे मूंगफली 4030 से 7263 रुपये, सोयाबीन 2600 से 5328 रुपये। कपास (मध्यम रेशा) 3800 से 7710 रुपये। रामतिल 4700 से 9846 रुपये तक पहुंच गई। ये दाम खरीफ विपणन सीजन (केएमएस) 2025-26 के लिए हैं। इससे दालें और तेलहन उत्पादक किसान खुश होंगे।
रबी फसलों को भी मिला लाभ
रबी फसलों में गेहूं का एमएसपी 1525 से बढ़कर 2585 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। जौ 1225 से 2150 रुपये, चना 3500 से 5875 रुपये। मसूर 3400 से 7000 रुपये, सरसों 3350 से 6200 रुपये। कुसुम 3300 से 6540 रुपये। ये रबी विपणन सीजन (आरएमएस) 2026-27 के लिए हैं। गेहूं और चना उत्पादक राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश को सीधा फायदा।
पिछले साल की खरीद से किसानों को करोड़ों का लाभ
बढ़ी एमएसपी का असर साफ दिख रहा है। 2024-25 फसल वर्ष में सरकार ने 1223 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) फसलें खरीदीं। किसानों को कुल 3.47 लाख करोड़ रुपये एमएसपी के रूप में दिए गए। यह आंकड़े बताते हैं कि योजना सफल रही। छोटे-मझोले किसान भी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
भविष्य की उम्मीदें इस वृद्धि से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। वे नई तकनीक अपनाएंगे और उत्पादन बढ़ाएंगे। सरकार ने एमएसपी सुनिश्चित करने के लिए खरीद केंद्र मजबूत किए हैं। किसान संगठनों ने इसका स्वागत किया है। उम्मीद है कि इससे खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और महंगाई पर काबू रहेगा।



