नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शनिवार शाम को कर्तव्य पथ पर एक नया इतिहास रचा गया, जब देश की राजधानी ने पहली बार अयोध्या के दीपोत्सव की तर्ज पर भव्य उत्सव का आयोजन किया। 1.51 लाख दीयों की चमक, रामकथा की मनमोहक प्रस्तुतियां, रामायण पर आधारित ड्रोन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरी दिल्ली को रोशनी से नहला दिया। रेखा गुप्ता ने इसे न केवल दीयों का त्योहार बताया, बल्कि नई क्रांति की आहट और आस्था-आधुनिकता के अद्भुत संगम का प्रतीक करार दिया। उन्होंने कहा, “यह दीपोत्सव केवल रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि रामराज्य की स्थापना का संकल्प है, जहां हर दीया हमारी सांस्कृतिक जागृति का प्रतीक बनेगा।” अयोध्या की भक्ति से प्रेरित यह आयोजन दिल्ली को एक नई पहचान दे रहा है, जहां परंपरा और प्रगति का मेल देखने लायक है।
दिल्ली सरकार जनता की भावनाओ को समझती है
कर्तव्य पथ पर दिल्ली की दिवाली इस बार बड़ी रौनक वाली है।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) October 18, 2025
जय श्री राम!#DilliDeepotsav2025 pic.twitter.com/wxQsIStuNl
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि दिल्ली में लंबे अंतराल के बाद एक ऐसी सरकार चुनी गई है जो दिल्ली की जनता की भावनाओं को समझती है। एक ऐसी सरकार जो हिन्दुओं को धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ साथ हर धर्म का सम्मान करने की मिशाल पेश कर रही है। सचदेवा ने कहा जो दीप उत्सव अयोध्या और अन्य शहरों में अभी तक सुनते हुए आ रहे हैं अब दिल्ली में देखने को मिला है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं वहाँ उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक पहल का भी हिस्सा बनी। दिल्ली की जनता में अब एक अलग ही उत्साह है क्योंकि पिछले 12 सालों की तुष्टीकरण और हिंदुओं के त्योहारों का मजाक बनाने वाली सरकार का पर्दाफाश हुआ है जब कोर्ट ने दिल्ली में ग्रीन पटाखों को स्वीकृति दे दी है। पिछले सात सालों में दिल्ली की जनता ने इस बात को महसूस कर लिया है कि दिल्ली में ट्रिपल इंजन की सरकार लगातार बेहतर काम कर रही है और विकास की जो नई गाथा लिखने के लिए भाजपा सरकार तैयार है उसे दिल्लीवालों को आने वाले समय में और कई लाभ मिलने वाले हैं इसलिए इस बार दिवाली भी दोहरी खुशी के साथ मनाई जा रही है।



