नई दिल्ली: नाग पंचमी (Nag Panchami 2025) हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व, सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। आज, 29 जुलाई 2025 को यह पवित्र दिन नागों की पूजा और आत्मशुद्धि के लिए समर्पित है। यह पर्व न केवल नाग देवताओं की आराधना का अवसर है, बल्कि यह मनुष्य को अपने जीवन से नकारात्मक और विषैले विचारों जैसे क्रोध, ईर्ष्या, और लोभ को दूर करने का मौका भी देता है।
नाग पंचमी का महत्व
नाग पंचमी का पर्व पौराणिक कथाओं से जुड़ा है। कथा के अनुसार, आस्तिक मुनि ने नागों के जीवन की रक्षा की थी, जिसके बाद से यह पर्व उनके सम्मान में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नागों की पूजा से कालसर्प दोष का निवारण होता है और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नाग धरती के संतुलन, वर्षा, और समृद्धि के प्रतीक माने जाते हैं। इस दिन की पूजा से मानसिक शांति और सकारात्मकता बढ़ती है।
जीवन से विषैले विचारों को हटाएं
नाग पंचमी आत्ममंथन का दिन है। जिस तरह नाग अपने विष को संतुलित रखते हैं, उसी तरह हमें भी अपने मन में उठने वाले नकारात्मक विचारों घृणा, क्रोध, लोभ, और ईर्ष्या का त्याग करना चाहिए। यह पर्व हमें अपने जीवन की उन चीजों पर विचार करने का अवसर देता है जो हमारे मन और आत्मा में जहर घोल रही हैं।
नाग पंचमी के दिन ध्यान रखें ये 5 बातें
नागों की पूजा करें: नाग देवता की मूर्ति या चित्र पर दूध, फूल, और चंदन अर्पित करें।
नकारात्मकता छोड़ें: अपने मन से क्रोध और ईर्ष्या जैसे विचारों को त्यागें।
शिव मंदिर जाएं: भगवान शिव की पूजा करें, क्योंकि नाग उनके प्रिय हैं।
सात्विक जीवन अपनाएं: इस दिन सात्विक भोजन करें और सादगी बनाए रखें।
आत्ममंथन करें: अपने जीवन की कमियों पर विचार करें और सुधार का संकल्प लें।



