नई दिल्ली: दिल्ली से होकर गुरजरने वाले कांवड़ियों के लिए रेखा सरकार कई तरह की सुविधाएं मुहैया करा रही है। साथ ही पिछली आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं से अपने आपको बेहतर दिखाने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को शास्त्री पार्क स्थित श्यामगिरी बाबा मंदिर कांवड़ कैंप में कांवडिय़ों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। श्रद्धा, समर्पण और सेवा की मिसाल पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस आयोजन की आयोजक नहीं, बल्कि सेवक है। शिवभक्तों की सेवा करना न केवल सरकार की जिम्मेदारी है, बल्कि सौभाग्य भी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा के अलावा कांवड़ मार्ग का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था का मुआयना किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। भक्तिभाव से सराबोर रेखा गुप्ता ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था का जीवंत उत्सव है। दिल्ली सरकार ने इस बार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने की तैयारियां की हैं। इस बार सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी कांवड़ समिति को आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आयोजन से जुड़ी तमाम जरूरतों जैसे परमिशन, बिजली, पानी, शौचालय, सफाई और सुरक्षा का समाधान सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से किया गया। मुख्यमंत्री ने तमाम सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों, कांवड़ यात्रा के तैयारियों को देखने वाले समितियों और अधिकारियों के कार्यशैली और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की पूरी टीम रात दिन लगकर इस पवित्र कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने में जुटी हुई है।
मुख्यमंत्री ने इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया कि इस वर्ष सभी कांवड़ समितियों को पहले ही चरण में Direct Benefit Transfer (लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे रकम भेजना) के जरिए अग्रिम भुगतान उपलब्ध करा दिया गया, जिससे व्यवस्थाएं पहले से ही सुचारू रूप से लागू की जा सकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 72 घंटे के भीतर अनुमति की प्रक्रिया पूरी कर एक नया मानक स्थापित किया है।
इस उपलब्धि के लिए उन्होंने मंत्री कपिल मिश्रा, डिविजनल कमिश्नर नीरज सेमवाल, सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोलेनाथ के किसी भी भक्त को कांटा भी न चुभे, इसी भावना के साथ मेरी सरकार ने पूरे आयोजन को सेवा, समर्पण और सजगता के साथ निभाया है।



