पूर्णिया: बिहार में चुनावी सरगर्मी, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से सियासी पारा चढ़ा। इस दौरान राहुल गांधी का बुलेट बाइक चलाना और मखाना किसानों से मिलना, आम जनता से जुड़ने की एक नई कोशिश मानी जा रही है।
राहुल का नया अंदाज
इस यात्रा का एक वीडियो कांग्रेस पार्टी के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर भी अपलोड किया गया है। वीडियो में राहुल गांधी बाइक चलाते हुए नजर आ रहे हैं, और उनके पीछे बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम बैठे हैं। इस नज़ारे को देखकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह काफी बढ़ गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी इस तरह के व्यवहार से आम लोगों के साथ जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, और नेताओं की गतिविधियाँ राज्य में बढ़ गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार बिहार का दौरा कर रहे हैं। वहीं, राहुल गांधी भी वोटर अधिकार यात्रा के बहाने बिहार में कैंप कर रहे हैं।
किसानों से भी मिले
इससे पहले, शनिवार को राहुल गांधी ने गेड़ाबाड़ी एनएच-31 से गुजरते वक्त मखाना की खेती देखी। वे अपने जूते उतारकर और पैंट को घुटनों तक मोड़कर पानी भरे खेत में मखाना किसानों से मिलने गए। उन्होंने दरभंगा और मधुबनी से आए मजदूरों और व्यापारियों से उनकी समस्याओं के बारे में भी बात की। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि चुनाव से पहले नेता जनता से जुड़ने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
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यह घटना बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से जुड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं के लगातार दौरों के बीच, राहुल गांधी भी “वोटर अधिकार यात्रा” के बहाने राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस यात्रा में उनके साथ तेजस्वी यादव भी शामिल हैं, जो बिहार में विपक्ष के एक प्रमुख नेता हैं। यह यात्रा एक राजनीतिक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जनता के बीच जाकर उनसे सीधे जुड़ना है। राहुल गांधी का बाइक चलाना और मखाना किसानों से मिलना, ये सब जनता के साथ एक आम इंसान की तरह जुड़ने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं। इसका मकसद मतदाताओं को यह दिखाना है कि नेता उनके बीच के ही लोग हैं और उनकी समस्याओं को समझते हैं।



