लखनऊ। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में 19 दिन बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर 8 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। सभी पर साजिश के तहत चढ़ावे की राशि में हेराफेरी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने बताया
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी चढ़ावे की गिनती के दौरान नकदी निकालकर उसे बाथरूम में छिपा देते थे। बाद में मौका मिलने पर रकम मंदिर परिसर से बाहर ले जाकर एक तय मकान में आपस में बांट ली जाती थी। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह तरीका पिछले दो से तीन वर्षों से अपनाया जा रहा था। सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों की भूमिका तय की है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने में टिन्नू यादव और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव की सबसे अहम भूमिका थी।
नकदी हुई बरामद
पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। अब तक करीब 60 लाख रुपये की नकदी बरामद की जा चुकी है, जबकि ट्रस्ट की शुरुआती कार्रवाई में करीब 3 करोड़ रुपये मिलने की बात भी सामने आई थी। पुलिस को कुछ बैंककर्मियों की भूमिका के भी संकेत मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कुल कितनी नकदी, सोना-चांदी और अन्य कीमती आभूषणों की हेराफेरी हुई। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, इस मामले को लेकर राजनीति बयानबाजी भी तेज हो गई है और निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।



