नई दिल्ली, 12 जनवरी। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर वासिम अकरम ने 30 साल पुरानी घटना का खुलासा किया, जिसने उन्हें दशकों तक आलोचना झेलने पर मजबूर किया। 1996 के वर्ल्ड कप के क्वार्टरफाइनल में भारत के खिलाफ अकरम नहीं खेल पाए थे, और लंबे समय से उनके खिलाफ यह आरोप लगता रहा कि उन्होंने जानबूझकर मैच छोड़ दिया।

हालांकि, अकरम ने हमेशा इसे चोट का परिणाम बताया, लेकिन अब उन्होंने बताया कि इस अफ़वाह के पीछे उनके कुछ ही पुराने टीममेट्स का हाथ था। उन्होंने कहा कि उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में डायन नैश की गेंद पर स्वीप शॉट खेलते हुए अपनी ऐब्डोमिनल मसल को चोट पहुँची थी। मैच से पहले भले ही फिजियो और उन्होंने पूरी कोशिश की, मसल पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया।
आक़्रम ने बताया, “मैं कभी उनके सोचने के तरीके को समझ नहीं पाया। हमारे अपने ही खिलाड़ियों ने इसे हवा दी। जिन्होंने मेरे तहत खेला, उनमें से उप-कप्तान भी शामिल थे। उन्होंने कहा – ‘हम दोष से बचेंगे और ये जिम्मेदारी उस पर डाल देंगे।’ मैंने मैच के दिन सुबह चार इंजेक्शन लिए, लेकिन मसल इतनी गंभीर थी कि गेंदबाज़ी करना असंभव था। इसे 6-8 हफ़्तों का आराम चाहिए था।”
पूर्व कप्तान ने आगे बताया कि मैच से एक रात पहले उन्होंने अपने कुछ टीममेट्स की बातचीत सुनी। “किसी ने मुझसे बात नहीं की। पांच-छह लोग कमरे में बैठे थे और मैं गुजर रहा था, तो सुना – ‘इसे दोष दे देते हैं, देख लेते हैं क्या होता है।’ यह जानना शर्मनाक है कि ये पूर्व खिलाड़ी मेरे खिलाफ बातें कर रहे थे।”
वर्तमान समय में मीडिया की निगरानी कम थी, लेकिन तब भी अफ़वाहें उड़ रही थीं कि आक़्रम ने जानबूझकर मैच छोड़ा। आक़्रम ने आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा, “यह कोई गली क्रिकेट नहीं है। मैं पाकिस्तान के लिए खेल रहा हूँ, भारत में और भारत के खिलाफ। क्या आप सच में सोचते हैं कि मैं आख़िरी पल में पीछे हट जाऊँगा?”
वासिम अकरम ने तीन भारत-पाक वर्ल्ड कप मैचों (1992, 1999, 2003) में भाग लिया और स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी टीम को छोड़ने पर विचार नहीं किया।
मुख्य बिंदु:
- 1996 वर्ल्ड कप क्वार्टरफाइनल में भारत के खिलाफ अकरम बाहर हुए चोट के कारण।
- कुछ साथी खिलाड़ी उन पर दोष डालना चाहते थे, जैसा उन्होंने खुद सुना।
- अकरम ने हमेशा स्पष्ट किया कि उनकी गैरमौजूदगी जानबूझकर नहीं थी।
- आलोचना और अफ़वाहों के बावजूद अकरम ने पाकिस्तान के लिए निष्ठा निभाई।



