लोकसभा अध्यक्ष से लेकर पंजाब के राज्यपाल तक, भारतीय राजनीति में रहा बड़ा योगदान
नयी दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार सुबह महाराष्ट्र के लातूर स्थित उनके निवास पर 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे. उनका अंतिम संस्कार शनिवार को होने की उम्मीद है.
राजनीतिक सफर की मुख्य बातें:
- जन्म: 12 अक्टूबर 1935 को लातूर के चाकुर गाँव में हुआ।
- शुरुआत: 1966 से 1970 तक लातूर नगरपालिका के अध्यक्ष रहे।
- महाराष्ट्र विधानमंडल: 1977 से 1979 तक दो बार विधायक रहे और उप-अध्यक्ष तथा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
- संसद का सफ़र: 1980 में लातूर लोकसभा सीट से पहली बार जीत दर्ज की और 2004 तक लगातार सात बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
- लोकसभा अध्यक्ष: वह 1991 से 1996 तक 10वें लोकसभा अध्यक्ष भी रहे।
- केंद्रीय मंत्री: उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में रक्षा, वाणिज्य और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे कई केंद्रीय विभागों को संभाला।
- केंद्रीय गृह मंत्री: वह 2004 से 2008 तक गृह मंत्री रहे, लेकिन 30 नवंबर 2008 को मुंबई आतंकवादी हमले के बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था।
- राज्यपाल: 2010 से 2015 तक वह पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में कार्यरत रहे।
शिवराज पाटिल के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए उन्हें एक अनुभवी नेता बताया और समाज कल्याण में उनके योगदान को याद किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता राहुल गांधी ने भी पाटिल के निधन को पार्टी के लिए एक गहरी क्षति बताया और राष्ट्र के लिए उनकी सेवा को अविस्मरणीय करार दिया।
Saddened by the passing of Shri Shivraj Patil Ji. He was an experienced leader, having served as MLA, MP, Union Minister, Speaker of the Maharashtra Assembly as well as the Lok Sabha during his long years in public life. He was passionate about contributing to the welfare of… pic.twitter.com/muabyf7Va8
— Narendra Modi (@narendramodi) December 12, 2025
उनके परिवार में अब उनके पुत्र शैलेश पाटिल, पुत्रवधू अर्चना और दो पोतियां हैं।
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