मुंबई, 11 जनवरी: मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में तीखी बयानबाज़ी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत के “ठाकरे आज भी 10 मिनट में मुंबई बंद कर सकते हैं” वाले बयान पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार करते हुए इसे “खोखली धमकी” करार दिया है। दोनों पक्षों के बयानों से स्पष्ट है कि देश की सबसे समृद्ध नगर निकाय मानी जाने वाली मुंबई महानगरपालिका के चुनाव को लेकर सियासी घमासान अपने चरम पर पहुंच चुका है।
संजय राउत ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि ठाकरे परिवार को महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई की राजनीति से कभी खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि ठाकरे नाम आज भी एक मजबूत पहचान है और जरूरत पड़ने पर मुंबई को कुछ ही मिनटों में ठप किया जा सकता है। राउत ने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही परिवार के सदस्य हैं और मराठी अस्मिता की रक्षा के लिए वे साथ आए हैं।
मराठी अस्मिता के मुद्दे पर एकजुट हुए ठाकरे बंधु
करीब दो दशक बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का साथ आना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। दोनों नेता मुंबई महानगरपालिका चुनाव में मराठी स्वाभिमान और पहचान के मुद्दे को केंद्र में रखकर प्रचार कर रहे हैं। संजय राउत ने कहा कि ठाकरे बंधु एक ब्रांड हैं और अगर ठाकरे जीवित रहेंगे तो मराठी मानूस की पहचान भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने यह दावा भी किया कि इस बार मुंबई का महापौर उनकी ही ओर से होगा।
फडणवीस का जवाब—अब वैसी ताकत नहीं
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संजय राउत के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह सिर्फ बयानबाज़ी है। उन्होंने कहा कि अगर बाल ठाकरे जीवित होते तो शायद ऐसी स्थिति बन सकती थी, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं है। फडणवीस ने याद दिलाया कि एक समय कहा गया था कि एकनाथ शिंदे मुंबई में कदम नहीं रख पाएंगे, लेकिन वे अपने समर्थक विधायकों के साथ आए और सरकार बना ली।
मुंबई महानगरपालिका चुनाव 15 जनवरी को प्रस्तावित हैं। यह निकाय न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश की सबसे धनी नगरपालिकाओं में से एक है। लंबे समय तक इस पर शिवसेना का दबदबा रहा है, लेकिन बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच इस बार मुकाबला बेहद रोचक और तनावपूर्ण हो गया है। ठाकरे बंधुओं की एकजुटता और भाजपा नेतृत्व के तीखे जवाबों ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।



