पटना: देशभर में मॉनसून सक्रिय है। कहीं राहत की बारिश हो रही है तो कहीं बरसात आफत बनकर बरस रही है। मध्य प्रदेश, राजस्थान से लेकर बिहार तक शहर-शहर भारी बारिश से बेहाल है। मॉनसून की बारिश में सडक़ें लबालब हैं। पटना में कई इलाकों में घर और दुकानें पानी में डूब गए हैं। वीआईपी इलाकों में सडक़ पर मछली तैर रही है, उपमुख्यमंत्री के साथ कई मंत्रियों के आवास भी जलमग्न है। इसके चलते रेल और हवाई सेवा भी प्रभावित हुई है। इससे पटना को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा करने वाले नगर निगम की पोल खुल गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। आज भी पूरे बिहार में झमाझम बारिश का कहर टूटेगा। गलियों से लेकर मुख्य सडक़ों तक पानी ही पानी दिखाई दे सकता है। आईएमडी ने पूरे बिहार में मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी जारी की है। पटना जिले के अनेक जगहों पर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। दक्षिण बिहार के कई जिलों में भारी बारिश होने की स्थिति बनी हुई है। देर रात से ही इसका असर दिखने लगा है। साल कि सबसे ज्यादा बारिश 28 जुलाई कि मध्यरात्रि से गरज के साथ शुरू हुई थी, जो 30 जुलाई तक रुक- रुक कर हो रही है। इसके चलते पटना के मुख्य इलाके, एयरपोर्ट, उपमुख्यमंत्री आवास, स्टेशन, मंत्रियों का आवास समेत कई पॉश इलाकों में घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
रनवे पर उतरने से पहले चक्कर लगा रहे हवाई जहाज
पटना में बारिश का कहर इस कदर है कि जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आधा दर्जन फ्लाइट्स लेट हो गई हैं। दिल्ली से पटना आने वाली फ्लाइट को दो बार रनवे पर उतरने से पहले हवा मे चक्कर लगाना पड़ा। तेज बारिश के कारण एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में एक पेड़ गिर गया जिससे यातायात बाधित हुआ। वही पटना जंक्शन में पटरियां जलमग्न होने से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास में घुसा पानी
मानसून कि पहली बारिश ने पटना नगर निगम कि जमीनी हकीकत को बयां किया है उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के सरकारी आवास में भी पानी घुस गया है।
पटना के अधिकांश इलाके में जलजमाव, पंपिंग फेल
तेज बारिश से पटना शहर के अधिकांश इलाके जलमग्न है। लोग एक से डेढ़ फुट पानी में आने-जाने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में सीवर का ढक्कर खुला होने से हादसे की आशंका है। अटल पथ, वीरचंद पटेल पथ, गोविंद मित्रा रोड, कंकरबाग, राजेंद्र नगर, किदवईपुरी, गर्दनीबाग, राजीव नगर, जीपीओ गोलंबर और शिव शक्ति नगर जैसे इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। जेपी लेन, किदवईपुरी और राजेंद्र नगर में कई घरों के अंदर पानी घुस गया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
नगर निगम की तैयारी पर सवाल
नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे है। स्थानीय निकाय जलनिकासी के बड़े-बड़े दावे कर रहा था लेकिन दो दिन की झमाझम बारिश ने जमीनी हकीकत दिखा दी है। स्थानीय लोगों में गुस्सा है कि हर साल यही स्थिति बनती है लेकिन स्थायी समाधान नहीं होता। हालांकि कई जगहों पर नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी सडक़ों पर पंप लगाकर जलनिकासी की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कई जगहों पर पंप फेल हो जा रहे हैं।
डीएम, मंत्री ने दिये निर्देश
28 जुलाई की मध्यरात्रि में हुए तेज बारिश से जलजमाव कि स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन सडक़ पर उतरे। उन्होंने विभिन्न जगहों पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि किहीं कहीं सडक़ो पर जल जमाव है। नगर निगम समस्या को दूर करने में जुटा है।
वहीं, 30 जुलाई को बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन और नगर विकास एवं आवास मंत्री जीवेश मिश्रा सडक़ पर उतरे और पटना के प्रभावित इलाकों और संप हाउस का निरीक्षण किया। इसके बाद विभागों के अधिकारियों को अलर्ट रहने और सभी प्रभावित क्षेत्रों को शीघ्र जलजमाव मुक्त करने के जरूरी निर्देश दिए।
सीसीटीवी और वॉकी-टॉकी से निगरानी
चौतरफा किरकिरी होने के बाद नगर निगम और बुडको की 19 क्यूआरटी टीमें रात-दिन सक्रिय होकर कार्य कर रही है सभी संप हाउसों में तीन पालियों में कर्मचारियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। वही नगर निगम सीसीटीवी और वॉकी-टॉकी से वाटर लेवल की निगरानी कर रही है। बारिश शुरू होते ही संप हाउसों की मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
पटना नगर निगम ने सभी अंचलों में मशीनों से जलनिकासी की वैकल्पिक व्यवस्था की गयी है। वही पटना नगर निगम अमजनों से अपील है कि जलजमाव की समस्या होने पर 155304 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। शिकायत दर्ज होने के 24 घंटा के अंदर नगर निगम चौबीस घंटे हेल्पलाइन और क्यूआरटी के टीम के जरिए समस्या का समाधान करेगा।



