मुंबई :देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर प्रकृति के प्रचंड रूप के आगे बेबस नजर आ रही है। पिछले कई दिनों से जारी लगातार और मूसलाधार बारिश ने इस महानगर के जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बाद, बादलों ने मुंबई और उसके उपनगरों को इस कदर घेरा है कि चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और आधिकारिक तौर पर ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित कर दिया है।
शिक्षा व्यवस्था पर ताला: सुरक्षा सर्वोपरि
सड़कों पर बहते पानी और उफनते नालों के बीच सबसे बड़ी चिंता उन मासूम बच्चों की थी, जिन्हें सुबह-सुबह अपने घरों से निकलना पड़ता है। स्थिति की संवेदनशीलता को भांपते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
बीएमसी प्रशासन ने सोमवार को मुंबई के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी और निजी कोशिकाओं तथा कॉलेजों में तत्काल प्रभाव से अवकाश घोषित कर दिया। मुंबई के अलावा, इसके पड़ोसी जिलों-ठाणे, नवी मुंबई और पालघर के जिला प्रशासनों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों को बंद रखने के कड़े निर्देश जारी किए। हालांकि, इस संकट के बीच सभी सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे और वहां तय समय के अनुसार कामकाज जारी रहेगा।
मुंबई विश्वविद्यालय की परीक्षाएं टलीं
इस आसमानी आफत की सबसे बड़ी गाज उन छात्रों पर गिरी है जो परीक्षाओं की तैयारी में जुटे थे। भारी बारिश और परिवहन व्यवस्था के चरमराने के मद्देनजर, मुंबई विश्वविद्यालय ने सोमवार को आयोजित होने वाली अपनी सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, परीक्षाओं की नई तिथियों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी।
परिवहन तंत्र ध्वस्त: आसमान से लेकर जमीन तक ब्रेक
मुंबई की पहचान उसकी रफ्तार से है, लेकिन इस मानसून ने उस रफ्तार को रोक दिया है। शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें और हवाई सेवाएं इस वक्त घुटनों पर आ गई हैं।
हवाईअड्डे पर थमीं उड़ानें: 42 नॉट्स की हवाओं का तांडव
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इस आफत से अछूता नहीं रहा। तेज मूसलाधार बारिश और बेहद कम दृश्यता (Visibility) के बीच 42 नॉट्स (लगभग 78 किमी/घंटा) की रफ्तार से चली हवाओं ने विमानों के संचालन को नामुमकिन बना दिया। सुरक्षा कारणों से रनवे को करीब एक घंटे के लिए पूरी तरह से रोकना पड़ा। इसके चलते कम से कम 4 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 13 विमानों को नजदीकी हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया।
लोकल ट्रेनें बनीं तालाब
कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) सहित 10 से अधिक प्रमुख स्थानों पर भारी जलभराव के कारण लोकल ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। रेलवे ट्रैक पूरी तरह जलमग्न होने की वजह से लंबी दूरी की ट्रेनें भी बाधित हुई हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों के लिए विशेष निर्देश जारी करते हुए बताया है कि वसई रोड से विरार स्टेशन के बीच पटरियों पर भारी जलभराव हो गया है, जिसके कारण इन स्टेशनों के बीच ट्रेन सेवाएं अत्यंत सीमित और बेहद धीमी गति से चलाई जा रही हैं। पश्चिम रेलवे मुंबई मंडल ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे ट्रेनों की देरी की संभावना को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना अतिरिक्त समय लेकर ही बनाएं।
जमीनी हकीकत: डूबी गाड़ियाँ और जनहानि का दर्द
शहर के निचले इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं। सड़कों पर खड़ी छोटी कारें, ऑटो-रिक्शा और दुपहिया वाहन आधे से ज्यादा पानी में डूब चुके हैं। कई स्थानों पर वाहन पानी में फंस गए हैं। इस मूसलाधार बारिश के बीच कुछ इलाकों से जनहानि ) की दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं। दीवार गिरने या जलभराव के हादसों में कुछ नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
वर्तमान में बीएमसी और राहत-बचाव दल संवेदनशील इलाकों में मुस्तैद हैं। हाई-पावर पंपों के जरिए जलनिकासी का कार्य तेजी से जारी है।
प्रशासनिक अपील
मौसम विभाग ने अगले कुछ समय तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे बिना किसी आपातकालीन जरूरत के घरों से बाहर न निकलें, मौसम विभाग की सलाह का पालन करें और सतर्क रहें।



