नालंदा: भूमि विवाद में दो पक्षों में जमकर हुई मारपीट में एक व्यक्ति की इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई। इसके बाद हिलसा में बवाल मच गया। गुस्साए ग्रामीणों ने शव को हिलसा-एकंगरसराय मुख्य मार्ग पर रखकर यातायात को जाम कर दिया। इस दौरान बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी का काफिला भी फंस गया। प्रदर्शनकारियों ने मांझी के न केवल काफिले को रोका बल्कि जमकर नारेबाजी भी की। जीतन राम मांझी का काफिला करीब आधा घंटे तक फंसा रहा।
जानकारी के अनुसार, 13 जुलाई को खेत में मेढ़ काटने के विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इस घटना में कुल सात लोग जख्मी हुए थे। जिसमें मृतक अनवर गंभीर रूप से घायल था, जिसका इलाज के दौरान पटना पीएमसीएच में मौत हो गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने शव को मीना बाजार के पास रखकर हिलसा-एकंगरसराय मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इस दौरान जीतन राम मांझी का काफिला भी जाम में फंस गया। भीड़ ने काफिले को घेर लिया और उनसे इंसाफ की फरियाद की। ग्रामीणों और परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि घटना के दो सप्ताह बाद भी पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होगी, जाम नहीं हटेगा। मांझी ने मौके पर पीड़ित परिजनों से बातचीत की और न्याय दिलाने का आश्वासन दिए। तब जाकर मामला शांत हुआ और पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच हिलसा डीएसपी सुमित कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



