नयी दिल्ली। इंस्टेंट डिलीवरी कंपनियों, जैसे ब्लिंकिट और ज़ेप्टो, ने स्वयं ही 10 मिनट में डिलीवरी का दावा बंद करने का निर्णय लिया है। यह कदम श्रम मंत्री मंसुख मंडाविया द्वारा गिग श्रमिकों पर बढ़ते दबाव और तनावपूर्ण कार्य परिस्थितियों के मुद्दे उठाने के बाद आया।
सूत्रों के अनुसार, ब्लिंकिट ने पहले ही अपने ब्रांडिंग संदेश से 10 मिनट में डिलीवरी का वादा हटा दिया है। अन्य प्लेटफ़ॉर्म, जैसे जेप्टो , जोमैटो और स्विगी, भी आने वाले दिनों में इसी दिशा में कदम उठा सकते हैं।
इस बदलाव का उद्देश्य गिग श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, बेहतर कार्य परिस्थितियाँ देना और संतुलित डिलीवरी समय सुनिश्चित करना है। पिछले महीने 31 दिसंबर को कई गिग श्रमिकों ने बेहतर भुगतान और कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर हड़ताल भी की थी।
जोमैटो के सह-संस्थापक और बलिंकिट के मालिक दीपिंदर गोयल, ने इस हड़ताल को खारिज करते हुए कहा कि ब्लिंकइट का 10 मिनट का डिलीवरी मानक असुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा नहीं देता और कंपनी डिलीवरी करने वाले श्रमिकों के लिए बीमा प्रीमियम भी भरती है।
सूत्रों के अनुसार, बलिंकिट ने अपने ब्रांडिंग संदेश को अपडेट कर लिया है। पहले कंपनी का टैगलाइन था, “10,000 से अधिक उत्पाद 10 मिनट में डिलीवर”, जिसे बदलकर अब “30,000 से अधिक उत्पाद आपके दरवाज़े पर डिलीवर” कर दिया गया है। अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स जैसे जेप्टो , जोमैटो और स्विग्गी भी जल्द ही इसी दिशा में कदम उठा सकते हैं।



