नई दिल्ली: भारत में ऑनलाइन कैब बुकिंग की बात आते ही सबसे पहले Ola, Uber और Rapido जैसे प्लेटफॉर्म का नाम सामने आता है। लेकिन अब एक नया नाम चर्चा में है—Bharat Taxi। इसे देश की पहली सरकारी समर्थित (Government Supported) और सहकारिता (Cooperative) आधारित राइड-हेलिंग सेवा बताया जा रहा है।

इस मॉडल का सबसे बड़ा दावा है कि इसमें ड्राइवरों से भारी कमीशन नहीं लिया जाएगा। यानी उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा सीधे उनके पास रहेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या Bharat Taxi आने वाले समय में Ola और Uber जैसी कंपनियों को चुनौती दे पाएगी? आइए आसान भाषा में समझते हैं पूरा मामला।
क्या है Bharat Taxi?
Bharat Taxi एक Government Supported Cooperative Ride-Hailing Service है, जिसका उद्देश्य कैब ड्राइवरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें कमीशन आधारित मॉडल से राहत देना है।
इसका राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ 5 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया था। इसके बाद 27 जून 2026 को गुजरात में इसे बड़े स्तर पर लॉन्च किया गया।
फिलहाल यह सेवा दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के राजकोट जैसे शहरों में शुरू की गई है। सरकार की योजना इसे धीरे-धीरे देश के सभी नगर निगम वाले शहरों तक पहुंचाने की है।
Bharat Taxi लाने की जरूरत क्यों पड़ी?

पिछले कई वर्षों से Ola और Uber जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवर लगातार शिकायत करते रहे हैं कि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा कंपनी कमीशन के रूप में काट लेती है।
ड्राइवरों का कहना है कि गाड़ी की EMI, ईंधन, सर्विसिंग, इंश्योरेंस और अन्य खर्च निकालने के बाद उनके पास बहुत कम बचत रह जाती है। कई बार इसी मुद्दे को लेकर देश के अलग-अलग शहरों में ड्राइवर हड़ताल भी कर चुके हैं।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए Bharat Taxi मॉडल पेश किया गया है।
Zero Commission मॉडल क्या है?
Bharat Taxi की सबसे बड़ी खासियत इसका Zero Commission Model माना जा रहा है।
इस मॉडल में दावा किया गया है कि ड्राइवरों से भारी कमीशन नहीं लिया जाएगा। यानी यात्रियों से मिलने वाले किराए का बड़ा हिस्सा सीधे ड्राइवर के पास जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे ड्राइवरों की आय बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
‘Driver is the Owner’ का क्या मतलब है?
Bharat Taxi सिर्फ Zero Commission तक सीमित नहीं है। इसका दूसरा बड़ा दावा है—Driver is the Owner।
इसका मतलब यह है कि ड्राइवर केवल सेवा देने वाला व्यक्ति नहीं होगा, बल्कि सहकारी मॉडल का हिस्सा भी होगा। यानी उसकी भागीदारी बढ़ेगी और कमाई पर उसका अधिक अधिकार रहेगा।
यही मॉडल इसे पारंपरिक कैब एग्रीगेटर कंपनियों से अलग बनाता है।
ड्राइवरों को क्या फायदा हो सकता है?
अगर यह मॉडल सफल होता है तो ड्राइवरों को कई फायदे मिल सकते हैं—
- कमीशन का बोझ कम होगा।
- कमाई का बड़ा हिस्सा सीधे ड्राइवर को मिलेगा।
- आर्थिक सुरक्षा बढ़ सकती है।
- EMI और वाहन के रखरखाव का खर्च निकालना आसान हो सकता है।
- सहकारी मॉडल के कारण निर्णय प्रक्रिया में भी उनकी भागीदारी बढ़ सकती है।
हालांकि ये सभी फायदे इस बात पर निर्भर करेंगे कि यह मॉडल व्यवहार में किस तरह लागू किया जाता है।
यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा?
अगर Bharat Taxi बड़े स्तर पर सफल होती है तो यात्रियों को भी कई संभावित लाभ मिल सकते हैं।
- किराया अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकता है।
- Surge Pricing कम हो सकती है।
- कैब के अधिक विकल्प मिल सकते हैं।
- बेहतर ग्राहक सेवा मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
- प्रतिस्पर्धा बढ़ने से पूरे कैब सेक्टर में सुधार देखने को मिल सकता है।
हालांकि फिलहाल इन दावों की वास्तविक सफलता भविष्य में इसके संचालन पर निर्भर करेगी।
क्या Ola-Uber को चुनौती देना आसान होगा?

Bharat Taxi के सामने सबसे बड़ी चुनौती Ola और Uber जैसी स्थापित कंपनियां हैं।
इन कंपनियों के पास पहले से—
- लाखों ड्राइवरों का नेटवर्क,
- मजबूत मोबाइल ऐप,
- GPS और ट्रैकिंग सिस्टम,
- ऑनलाइन पेमेंट सुविधा,
- 24×7 कस्टमर सपोर्ट,
- सुरक्षा फीचर,
- और करोड़ों सक्रिय यूजर्स मौजूद हैं।
ऐसे में सिर्फ Zero Commission मॉडल के दम पर इन कंपनियों को चुनौती देना आसान नहीं होगा।
भारत में पहले भी ऐसे मॉडल आ चुके हैं
Bharat Taxi पहला ऐसा प्रयास नहीं है।
इससे पहले भी Namma Yatri, Kerala Savaari और ONDC Mobility जैसे प्लेटफॉर्म ड्राइवरों पर कमीशन का बोझ कम करने के उद्देश्य से शुरू किए गए थे।
हालांकि इनमें से कोई भी अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर Ola और Uber जैसी मजबूत पकड़ नहीं बना पाया है।
क्या Bharat Taxi सफल होगी?
इस सवाल का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है।
किसी भी कैब प्लेटफॉर्म की सफलता केवल लॉन्च होने से तय नहीं होती। इसके लिए मजबूत तकनीक, बड़ी संख्या में ड्राइवर, भरोसेमंद सेवा, अच्छा ग्राहक अनुभव और व्यापक नेटवर्क की जरूरत होती है।
अगर Bharat Taxi इन सभी मोर्चों पर सफल होती है तो यह भारत के कैब सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है।
निष्कर्ष
Bharat Taxi फिलहाल चर्चा का विषय बनी हुई है। सरकार इसे ड्राइवरों की आय बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर विकल्प देने वाला मॉडल बता रही है। वहीं ड्राइवरों को उम्मीद है कि इससे उनकी कमाई बढ़ेगी और यात्रियों को अधिक किफायती सेवा मिल सकती है।
हालांकि असली परीक्षा अभी बाकी है। आने वाले समय में यह साफ होगा कि क्या Bharat Taxi लोगों का भरोसा जीत पाती है और क्या यह वास्तव में Ola-Uber जैसी बड़ी कंपनियों को कड़ी टक्कर दे पाएगी।
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