नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 4-5 दिसंबर को भारत दौरे पर आ रहे हैं। उनके आगमन से पहले दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और पुलिस से लेकर केंद्रीय सुरक्षा बलों तक सभी इकाइयों को व्यापक सुरक्षा इंतजामों में लगाया गया है। आसमान से जमीन तक कई स्तरों पर निगरानी की जा रही है, जिसमें ड्रोन, सीसीटीवी और टेक्निकल इंटेलिजेंस सिस्टम शामिल हैं। पुतिन की निजी सुरक्षा टीम और रूसी एजेंसियां भी पहले ही भारत पहुंच चुकी हैं और सभी कार्यक्रम स्थलों की गहन जांच कर चुकी हैं।
पुतिन का 4 लेयर का सुरक्षा घेरा
पुतिन की सुरक्षा दुनिया की सबसे सख्त व्यवस्थाओं में गिनी जाती है। उनके लिए चार लेयर की सुरक्षा कवच होता है, जिसमें सबसे भीतर उनके बेहद प्रशिक्षित बॉडीगार्ड तैनात रहते हैं। भीड़ के भीतर और बाहर सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त टीमें मौजूद रहती हैं, जबकि ऊंची इमारतों पर स्नाइपर तैनात किए जाते हैं। पुतिन का काफिला भी खास होता है—एक जैसी कई गाड़ियां साथ चलती हैं ताकि यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो सके कि वह किस वाहन में हैं। उनके काफिले की सभी गाड़ियां बख़्तरबंद होती हैं और इनमें हथियारों से लैस विशेष कमांडो तैनात रहते हैं।
ऑरस सेनेट कार चलता फिरता किला
पुतिन की पसंदीदा कार ऑरस सेनेट भी भारत में उनके साथ होगी, जिसे चलता-फिरता किला कहा जाता है। यह कार बुलेटप्रूफ है, ग्रेनेड और भारी हमलों का सामना कर सकती है और जरूरत पड़ने पर एयरटाइट होकर रासायनिक हमलों से भी सुरक्षा प्रदान करती है। उनके बॉडीगार्ड अक्सर बुलेटप्रूफ सूटकेस लेकर चलते हैं, जो जरूरत पड़ने पर ढाल का काम करता है और उसमें एक पिस्तौल भी रखी रहती है।
पुतिन के भोजन की होती है जांच
रूसी राष्ट्रपति के सुरक्षा प्रोटोकॉल में भोजन की जांच भी शामिल है। उनके खाने का सैंपल पहले चखा जाता है ताकि किसी भी तरह के खतरे को रोका जा सके। किसी भी देश में उनके दौरे से पहले उनकी विशेष सुरक्षा टीम वहां पहुंचकर हर स्थल की बारीकी से सुरक्षा जांच करती है। भारत में भी ऐसी ही टीम पहले से मौजूद है जिसने सभी कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया है।
पुतिन के साथ “पॉटी सूटकेस” भी चलता है
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पुतिन के साथ एक विशेष “पॉटी सूटकेस” भी चलता है, जिसमें उनके जैविक नमूनों को एकत्र कर मॉस्को भेजा जाता है ताकि विदेशी एजेंसियां उनके स्वास्थ्य संबंधी किसी भी जानकारी तक न पहुंच सकें। उनकी सुरक्षा टीम में अक्सर KGB के पुराने या मौजूदा अधिकारी शामिल होते हैं, जो पुतिन के सबसे भरोसेमंद कर्मचारी माने जाते हैं।
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दिल्ली में पुतिन के ठहरने के स्थान पर एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात रहेगा, जिससे किसी भी हवाई खतरे को तुरंत निष्क्रिय किया जा सके। इन अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच पुतिन का यह दौरा भारत-रूस संबंधों को और मजबूत बनाने वाला माना जा रहा है।



