नई दिल्ली: राष्ट्रपति को भेजे अपने पत्र में उपराष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) के आधार पर इस्तीफा देने की बात कही है। बकौल उपराष्ट्रपति, स्वास्थ्य की प्राथमिकता और चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं।
इसक साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। इस पत्र को उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर भी शेयर किया है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने अपने इस्तीफे में लिखा है, मुझे संसद के सभी माननीय सदस्यों से जो स्नेह, विश्वास और सम्मान मिला, वह जीवन भर मेरे हृदय में बना रहेगा।
— Vice-President of India (@VPIndia) July 21, 2025
प्रधानमंत्री उपराष्ट्रपति को मनाएं…. राय जयराम रमेश की
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद सियासी चर्चा तेज हो गयी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सह सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वह जगदीप धनकड़ को मनाएं। जयराम रमेश ने इस्तीफे के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लम्बा पोस्ट किया है। इसमें लिखा है कि उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति का अचानक इस्तीफा जितना चौंकाने वाला है, उतना ही अकल्पनीय भी है। आज शाम करीब 5 बजे तक मैं उनके साथ था, वहां कई अन्य सांसद भी साथ थे, और शाम 7:30 बजे मेरी उनसे फोन पर बातचीत भी हुई थी।
निःसंदेह, जगदीप धनखड़ को अपने स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि उनके इस बिल्कुल अप्रत्याशित इस्तीफे के पीछे जो दिखाई दे रहा है, उससे कहीं अधिक है। हालांकि, यह समय अटकलें लगाने का नहीं है। जगदीप धनखड़ ने सरकार और विपक्ष, दोनों को समान रूप से आड़े हाथों लिया। उन्होंने कल दोपहर एक बजे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक बुलाई थी और न्यायपालिका से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण घोषणा करने वाले थे। वहीं, बिहार के पूर्णिया लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने उपराष्ट्रपति धनखड़ के बाद बड़ा सवाल खड़ा करते हुए सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा है कि ‘इतनी आसानी से इस्तीफा तो नहीं हुआ है, खेल तो बहुत ही गहरा है, बहुत बड़ा गेम है।’



