नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के रियासी में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस में एमबीबीएस में एडमिशन को लेकर विवाद हो रहा है। सोमवार को कई हिंदू संगठनों ने मिलकर विरोध प्रदर्शन किया। आरोप लगाए गए हैं कि सीट बंटवारे में हिंदू छात्रों के साथ भेदभाव हुआ है।
क्या है मामला
दरअसल इस साल संस्थान को 50 MBBS सीटें अलॉट की गई है। 2025-26 के पहले बैच में मुस्लिम छात्रों की संख्या 42 है जबकि लिस्ट में सिर्फ 7 हिंदू और एक सिख छात्र है। राष्ट्रीय बजरंग दल, कल्कि आंदोलन और युवा राजपूत सभा जैसे संगठनों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण वैष्णो देवी मंदिर में आने वाले भक्तों के दान से हुआ है। इसका इस्तेमाल हिंदू हित में होना चाहिए।
क्या है हिंदू संगठनों की मांग-
- पहली प्रवेश सूची रद्द की जानी चाहिए।
- एक नई प्रवेश प्रक्रिया लागू की जानी चाहिए।
- हिंदू छात्रों के लिए पर्याप्त आरक्षण सुनिश्चित करने हेतु नियमों की पुनः जांच की जानी चाहिए।
- संस्थान को अल्पसंख्यक दर्जा देने पर विचार किया जाना चाहिए।
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पुलिस ने रोका
प्रदर्शनकारी युवाओं ने सीट आवंटन प्रक्रिया में कई अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक नहीं किया गया, कट-ऑफ और मेरिट लिस्ट अस्पष्ट थीं, और एक खास समुदाय को कथित तौर पर ज्यादा सीटें दे दी गईं। पुलिस ने इनलोगों को विश्वविद्यालय गेट से आने बढ़ने से रोक दिया है।



