नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ हमले के बीच भारत ने रूस के साथ व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, टेक्नॉलजी और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत किया। नई दिल्ली में हुए आधुनिकीकरण और औद्योगिक सहयोग पर (Modernization and Industrial Cooperation) भारत-रूस वर्किंग ग्रुप के 11वें सेशन में दोनों देशों के रिश्ते नए आयाम पर पहुंचे।
इसमें भारत की ओर से सह-अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया और रूसी के उद्योग एवं व्यापार उपमंत्री एलेक्सी ग्रुजदेव ने की। इस बैठक में दसवें सत्र के बाद से हुई प्रगति की समीक्षा की गई और प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करने के लिए एक मंच प्रदान किया गया। चर्चाओं में आधुनिकीकरण, खनन, उर्वरक और रेल परिवहन के साथ-साथ सहयोग के उभरते क्षेत्रों पर उप-समूहों द्वारा दी गई नवीनतम जानकारी शामिल थी।
इन विषयों पर हुई चर्चा
एयरोस्पेस विज्ञान और प्रौद्योगिकी में सहयोगः एक आधुनिक पवन सुरंग सुविधा की स्थापना, छोटे विमान पिस्टन इंजन का उत्पादन और कार्बन फाइबर प्रौद्योगिकी, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और 3डी प्रिंटिंग में संयुक्त विकास शामिल है। दोनों पक्षों ने दुर्लभ मृदा और महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण, भूमिगत कोयला गैसीकरण और आधुनिक औद्योगिक बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में भी अवसरों का पता लगाया।
दोनों पक्षों ने एल्युमीनियम, उर्वरक और रेलवे परिवहन के क्षेत्र में संवर्धित सहभागिता का स्वागत किया। खनन क्षेत्र के उपकरण, अन्वेषण और औद्योगिक एवं घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन में क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी ट्रांसफर का भी स्वागत किया। इस सत्र में दोनों पक्षों के लगभग 80 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, क्षेत्र विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल थे।
भारत से रूस जाने वाली वस्तुएं
- भारत ने वित्त वर्ष 2024 में रूस को 3,768 वस्तुओं का निर्यात किया।
- वित्त वर्ष 2024 में रूस को भारत का निर्यात 4.26 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
- वित्त वर्ष 24 के दौरान भारत से रूस को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में इंजीनियरिंग सामान (1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर), औषधि निर्माण (518 मिलियन अमेरिकी डॉलर), अवशिष्ट रसायन और संबद्ध उत्पाद (467 मिलियन अमेरिकी डॉलर), इलेक्ट्रॉनिक सामान (392 मिलियन अमेरिकी डॉलर) और अन्य (215 मिलियन अमेरिकी डॉलर) आदि शामिल हैं।
- वित्त वर्ष 2025 के अप्रैल-अक्टूबर तक रूस को भारत का निर्यात 3.04 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
- अप्रैल-अक्टूबर वित्त वर्ष 2025 के दौरान भारत से रूस को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में परमाणु रिएक्टर (829.43 मिलियन अमेरिकी डॉलर), -इलेक्ट्रॉनिक सामान (235.36 मिलियन अमेरिकी डॉलर), कार्बनिक रसायन (226.64 मिलियन अमेरिकी डॉलर), दवाएं और फार्मास्यूटिकल्स (246.01 मिलियन अमेरिकी डॉलर) आदि शामिल हैं।
रूस से भारत आने वाली वस्तुएं
- भारत ने वित्त वर्ष 2024 में रूस से 78 वस्तुओं का आयात किया।
- 2023-24 में रूस से भारत में आयात 61.43 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
- 2023-24 के दौरान रूस से भारत के आयात में पेट्रोलियम, कच्चा तेल (54.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर), उर्वरक निर्माता (2.07 बिलियन अमेरिकी डॉलर), पशु या वनस्पति वसा और तेल (1.30 बिलियन अमेरिकी डॉलर), मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर (1.18 बिलियन अमेरिकी डॉलर) आदि शामिल हैं।
- अप्रैल-अक्टूबर वित्त वर्ष 2025 के लिए रूस से भारत में आयात 38.85 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
- वित्त वर्ष 2025 के अप्रैल-अक्टूबर के दौरान रूस से भारत के आयात में खनिज ईंधन, खनिज तेल और उनके आसवन के उत्पाद (35.10 बिलियन अमेरिकी डॉलर), पशु या वनस्पति वसा और तेल (1.31 बिलियन अमेरिकी डॉलर), उर्वरक निर्माता (907.58 मिलियन अमेरिकी डॉलर), मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर (185.79 मिलियन अमेरिकी डॉलर) आदि शामिल हैं।



