नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 2022-23 के लिए स्कोप उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि स्कोप उत्कृष्टता पुरस्कार देश के विकास में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के महत्वपूर्ण योगदान का उत्सव हैं। सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय, तकनीकी और नैतिक – सभी मानदंडों पर अच्छा प्रदर्शन अच्छे उद्यम की पहचान है। उन्होंने सतत विकास, कॉर्पोरेट प्रशासन, कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी और नवाचार जैसे कई आयामों में अच्छे प्रदर्शन को सम्मानित करने के लिए स्कोप की सराहना की।
राष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से सार्वजनिक क्षेत्र आर्थिक विकास और सामाजिक समावेशन का शक्तिशाली माध्यम रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने औद्योगीकरण, अवसंरचना विकास, सामाजिक उत्थान और संतुलित क्षेत्रीय विकास की नींव रखी है। समय के साथ इन उपक्रमों ने स्वयं को विकसित किया और बदला है। सरकार और समाज की इनसे अपेक्षाएं भी बदली हैं। राष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इन सभी परिवर्तनों के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अपने प्रदर्शन के जरिए से आर्थिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रशासन और पारदर्शिता के उदाहरण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि आर्थिक और वित्तीय योगदान के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने संतुलित और समावेशी विकास को भी प्राथमिकता दी है। राष्ट्रीय लक्ष्यों को सर्वोपरि रखा है। उनके योगदान और भूमिका को देखते हुए यह कहना उपयुक्त है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम देश और जनता के लिए विकास के उत्प्रेरक तथा समृद्धि के स्तंभ है। उन्होंने कहा कि इन उद्यमों ने प्रशासन और पारदर्शिता के कई अच्छे उदाहरण और मॉडल भी प्रस्तुत किए है।
आकाशतीर की अचूक क्षमता दिखी
राष्ट्रपति को यह जानकर खुशी हुई कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी वायु रक्षा नियंत्रण एवं रिपोर्टिंग प्रणाली – आकाशतीर ने अपनी अचूक क्षमता का प्रदर्शन किया। उन्होंने उल्लेख किया कि इस प्रणाली के निर्माण में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों ने भूमिका निभाई है और ये सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लिए विशेष गर्व की बात है।
चुनौतियों से निपटने में निभाई अहम भूमिका
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में आत्मनिर्भर नवाचार और भारत की बढ़ती प्रौद्योगिकी संबंधी आत्मनिर्भरता में सार्वजनिक उद्यमों का योगदान सिद्ध हुआ है। कृषि, खनन और अन्वेषण, विनिर्माण, प्रसंस्करण एवं उत्पादन तथा सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों ने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यामों ने हमेशा देश के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों से यह अपेक्षा की जाती है कि उनके निर्णय राष्ट्र-निर्माण के लिए समर्पित होंगे, कार्य नैतिकता पर आधारित होंगे तथा सोच संवेदनशीलता और समाज सेवा से प्रेरित होगी।



