नई दिल्ली: महिलाओं के लिए सुरक्षित, गरिमापूर्ण और उत्पीड़न-मुक्त कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार कल एक ऐतिहासिक सम्मेलन का आयोजन करने जा रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शनिवार, 14 फरवरी को विज्ञान भवन में ‘कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘पोश (POSH) अधिनियम, 2013’ के कार्यान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाना है।
शी-बॉक्स (SHe-Box): शिकायतों के लिए ‘सिंगल विंडो’ समाधान
सम्मेलन के दौरान सरकार के आधुनिक शी-बॉक्स पोर्टल पर विशेष चर्चा होगी। 29 अगस्त 2024 को लॉन्च किया गया यह बहुभाषी प्लेटफॉर्म महिलाओं को कई सुविधाएं देता है:
- गोपनीय शिकायत: महिलाएं अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकती हैं, जो सीधे संबंधित समिति को भेजी जाती है।
- रियल-टाइम ट्रैकिंग: शिकायत की स्थिति को लाइव ट्रैक किया जा सकता है, जिससे जवाबदेही बढ़ती है।
- संसाधन केंद्र: यह पोर्टल कंपनियों और संस्थानों को अपनी वार्षिक रिपोर्ट और अनुपालन विवरण अपलोड करने की सुविधा भी देता है।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण: लोगो अनावरण और ग्लोबल विजन
- राष्ट्रीय शपथ: केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी मुख्य भाषण देंगी और देशभर में कार्यस्थल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘राष्ट्रीय शपथ’ दिलाएंगी।
- नया लोगो और वीडियो: कार्यक्रम में ‘शी-बॉक्स’ के नए लोगो और पोश (POSH) प्रशिक्षण वीडियो का अनावरण किया जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन: संयुक्त राष्ट्र (UN) एजेंसियों और वैश्विक विशेषज्ञों के साथ मिलकर कार्यस्थल सुरक्षा की बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय पद्धतियों पर मंथन होगा।
- असंगठित क्षेत्र पर जोर: पहली बार असंगठित क्षेत्र की महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए एक राष्ट्रीय राउंड-टेबल आयोजित की जाएगी।
डिजिटल माध्यम से जुड़ सकेंगे नागरिक
इस सम्मेलन में सरकारी और निजी क्षेत्रों के लगभग 1,500 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। जो लोग प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो सकते, उनके लिए सरकार ने https://webcast.gov.in/mwcd/ पर वेबकास्ट की व्यवस्था की है।
सरकार का लक्ष्य केवल नियम बनाना नहीं, बल्कि कार्यस्थलों पर एक ऐसी ‘सकारात्मक संस्कृति’ विकसित करना है जहाँ महिलाएं बिना किसी डर के अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान दे सकें।
यह सम्मेलन भारत के उस नेतृत्व को और मजबूत करेगा जहाँ सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल केवल एक कानून नहीं, बल्कि एक सामाजिक संस्कार बनेगा।



