नई दिल्ली: देश में टेक्नोलॉजी फ्यूल कहे जाने वाले सेमीकंडक्टर चिप को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। योजनाओं के तहत सरकार प्रोजेक्ट को मदद भी मुहैया करा रही है ताकि देश में तकनीकी रफ्तार भर सके।
डीएलआईः 23 चिप-डिजाइन प्रोजेक्ट मंजूर
डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना के तहत 23 चिप-डिज़ाइन परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गई है। घरेलू स्टार्टअप और एमएसएमई की ये परियोजनाएं सर्विलांस कैमरे, पावर मीटर, माइक्रोप्रोसेसर आईपी और नेटवर्किंग अनुप्रयोगों जैसे क्षेत्रों के लिए स्वदेशी चिप्स और सिस्टम-ऑन-चिप (एसओसी) का प्रोडक्शन बढ़ेगा। 72 कंपनियों को अपनी चिप डिज़ाइन परियोजनाओं के लिए उद्योग-मानक इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन (ईडीए) उपकरणों तक पहुंच प्राप्त हुई है।
इनोवेशन पर जोर
फेबलेस सेमीकंडक्टर कंपनी, वर्वेसेमी माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स ने उन्नत एकीकृत सर्किट (आईसी) के अपने आगामी पोर्टफोलियो की घोषणा की जिसे देश की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता में तेजी लाने और वैश्विक नवाचार को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया है। वर्वेसेमी उन पहली भारतीय कंपनियों में से एक है जो सेमीकंडक्टर बौद्धिक संपदा (आईपी) का वैश्विक स्तर पर निर्यात करती है।
वर्वेसेमी 110 से ज्यादा आईपी, 25 आईसी एसकेयू, 10 पेटेंट और 5 व्यापार रहस्यों के पोर्टफोलियो के साथ, अंतरिक्ष, रक्षा, औद्योगिक और स्मार्ट ऊर्जा क्षेत्रों में अनुप्रयोगों को सशक्त बना रही है। वर्तमान में दुनिया भर के ग्राहकों द्वारा कई आईसी का मूल्यांकन किया जा रहा है।
क्या है डीएलआई योजना
सरकार की डीएलआई योजना के तहत अनुमोदित कंपनियों के पहले समूह में से एक और चिप्स टू स्टार्टअप (सी2एस) कार्यक्रम के तहत भी वर्वेसेमी देश में डिजाइन किए गए चिप्स विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है जिसका उद्देश्य आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देना है।
2027 तक का रोडमैप तैयार
वर्वेसेमी ने 2026 के आखिरी और 2027 की शुरुआत तक चिप्स/एसओसी का रोडमैप तैयार किया है। इसमें कई उल्लेखनीय आईसी शामिल हैं जिन्हें कई महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है। बीएलडीसी नियंत्रक अनुप्रयोग विशिष्ट एकीकृत चिप (एएसआईसी) को वेर्वेसेमी की ओर से इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सी2एस कार्यक्रम के तहत डिजाइन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पंखे और अन्य छोटे मोटर उपकरणों के अनुप्रयोगों पर केंद्रित है, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और इनके नमूने वर्ष 2026 में आने की उम्मीद है।
- अंतरिक्ष और एवियोनिक्स के लिए बहुक्रियाशील डेटा अधिग्रहण प्रणाली के लिए एएसआईसी, उन्नत मशीन लर्निंग की ओर से संचालित और मिशन-महत्वपूर्ण एयरोस्पेस अनुप्रयोगों के लिए डिजाइन किया गया हैं, जिसके इंजीनियरिंग नमूने वर्ष 2026 में उपलब्ध होंगे।
- भार मापने वाले पैमाने और ब्रिज सेंसर अनुप्रयोगों के लिए एएसआईसी अगली पीढ़ी के वज़न मापने वाले सिस्टम और फ़ोर्स टच उपकरणों को अत्यंत उच्च परिशुद्धता और विश्वसनीयता के साथ सक्षम बना रहा है। इस एकीकृत सर्किट के नमूने का परीक्षण एशिया भर के प्रमुख साझेदारों के साथ किया जा रहा है, और इसके इंजीनियरिंग नमूने वर्ष 2025 के अंत तक उपलब्ध होंगे।
- स्मार्ट ऊर्जा मीटरिंग अनुप्रयोगों के लिए एएसआईसी को भारत में डिज़ाइन किया जा रहा है ताकि अति-सटीक, उच्च-गति ऊर्जा मापन और पूर्वानुमानित रखरखाव क्षमताएं प्रदान की जा सकें। क्लास 0.2एस परिशुद्धता मानकों के अनुरूप मल्टी-चैनल सेंसिंग की विशेषता वाला यह एकीकृत सर्किट अगली पीढ़ी की स्मार्ट ऊर्जा प्रणालियों के लिए मज़बूत और विश्वसनीय प्रदर्शन सुनिश्चित करता है, जिसके नमूने वर्ष 2025 के अंत तक उपलब्ध होंगे।
प्रत्येक चिप में है बुद्धिमत्ता
वर्वेसेमी के आईसी एम्बेडेड मशीन लर्निंग द्वारा संचालित होते हैं, जो स्व-उपचार प्रणालियों, विफलता-सुरक्षित विश्वसनीयता और बेहतर निर्माण परिणामों को सक्षम बनाते हैं। यह एकीकृत सर्किट ऊर्जा दक्षता और सटीकता को पारंपरिक सीमाओं से परे वर्वेसेमी के चिप्स को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और कुशल बनाते हैं।



