नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जीएसटी में एक नए सुधार की घोषणा की है, जिसे उन्होंने ‘डबल बोनस’ बताया है। पीएम मोदी ने यह ऐलान दिल्ली-एनसीआर में दो प्रमुख राजमार्ग परियोजनाओं – द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली खंड और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 के उद्घाटन के दौरान किया। पीएम मोदी ने दावा किया था कि इस सुधार से जीएसटी को और आसान बनाया जाएगा, जिसका फायदा देश के हर वर्ग को मिलेगा। इस खबर के साथ-साथ, सरकार की तरफ से बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए शुरू की गई दो बड़ी परियोजनाओं का भी जिक्र किया गया है।
जीएसटी में क्या है नया बदलाव
पीएम मोदी ने बताया कि इस जीएसटी सुधार का प्रारूप सभी राज्यों को भेजा जा चुका है और उन्हें उम्मीद है कि सभी राज्य सरकारें इस पहल में सहयोग करेंगी ताकि इसे जल्द से जल्द लागू किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि इस कदम से जीएसटी को और भी आसान बनाया जा सकेगा, जिसका लाभ गरीब, अमीर, मध्यम वर्ग और छोटे-बड़े व्यापारी सभी को मिलेगा।
क्या है जीएसटी (GST)
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) भारत की एक अप्रत्यक्ष कर प्रणाली है, जिसे 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश में एक समान कर व्यवस्था स्थापित करना था। जीएसटी से पहले वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स जैसे कई अलग-अलग कर चुकाने पड़ते थे, लेकिन जीएसटी ने उन सभी को खत्म कर एक एकल कर प्रणाली बना दी।
बुनियादी ढांचे का विकास
इस घोषणा के साथ ही, पीएम मोदी ने दिल्ली-एनसीआर में दो बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया:
- द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली खंड: यह 10.1 किलोमीटर लंबा खंड लगभग 5,360 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह दिल्ली के यातायात को सुगम बनाने में मदद करेगा।
- अर्बन एक्सटेंशन रोड-2: यह परियोजना भी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में यातायात को बेहतर बनाने और यात्रा के समय को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
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इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली को भीड़भाड़ से मुक्त करना और कनेक्टिविटी में सुधार लाना है, जो प्रधानमंत्री के विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण के दृष्टिकोण को दर्शाता है। द्वारका एक्सप्रेसवे का नया खंड यशोभूमि, मेट्रो लाइन्स और आगामी बिजवासन रेलवे स्टेशन जैसी महत्वपूर्ण जगहों को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगा। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह घोषणा 2023 के संदर्भ में की गई थी। जीएसटी में बदलाव एक सतत प्रक्रिया है, और समय-समय पर इसमें सुधार होते रहते हैं।




