नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 128वीं कड़ी प्रस्तुत की। अपने संबोधन में उन्होंने हरियाणा के कुरुक्षेत्र में बनाए गए महाभारत अनुभव केंद्र का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि यह केंद्र भारत की सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत अनुभव कराता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता महोत्सव का भी जिक्र किया और इसे भारतीय अध्यात्म और दर्शन का एक भव्य उत्सव बताया।
तेजी से बढ़ते टूरिज्म सेक्टर पर दिया जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश में तेजी से बढ़ते टूरिज्म सेक्टर पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में विंटर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और पर्यटकों को देश के पर्वतीय और सांस्कृतिक स्थलों की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि नवंबर महीना कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा, चाहे वह संविधान दिवस का कार्यक्रम हो या फिर अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा का आरोहण।
नकनीकी प्रगति और नवाचारों पर डाला प्रकाश
पीएम मोदी ने देश की तकनीकी प्रगति और नवाचारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हाल ही में हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO सुविधा का उद्घाटन किया गया है, जो भारत के विमानन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही, मुंबई में INS माहे को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि भारत का स्पेस सेक्टर भी तेजी से प्रगति कर रहा है, जिसका उदाहरण हाल ही में लॉन्च किया गया स्कायरूट का इन्फिनिटी कैंपस है।
खाद्यान्न उत्पादन में भारत ने नया रिकॉर्ड बनाया
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन करके नया रिकॉर्ड बनाया है, जो 10 साल पहले की तुलना में 100 मिलियन टन अधिक है। खेल जगत में भी भारत ने अपनी छाप छोड़ी है, और हाल ही में भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का सम्मान मिला है।
देश के वैज्ञानिकों के समर्पण की सराहना
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने युवाओं की लगन और देश के वैज्ञानिकों के समर्पण की विशेष सराहना की। उन्होंने ISRO द्वारा आयोजित एक विशेष ड्रोन प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे देश के युवा मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में GPS के बिना ड्रोन उड़ाने की चुनौती का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही युवा शक्ति विकसित भारत की मजबूत नींव है। इसी संदर्भ में उन्होंने चंद्रयान-2 की असफलता के बाद वैज्ञानिकों द्वारा चंद्रयान-3 की सफल कहानी लिखने का उदाहरण भी रखा।
शहद उत्पादन का किया जिक्र
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने देश में शहद उत्पादन और प्राकृतिक खेती की प्रगति की भी चर्चा की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के सफेद सुलाई शहद और दक्षिण कन्नड़ जिले के प्राकृतिक शहद उत्पादन के मॉडल को सराहा। उन्होंने कहा कि GI टैग मिलने के बाद स्थानीय उत्पादों की पहचान और मांग में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास, नवाचार, परंपरा के प्रति सम्मान और युवाओं के उत्साह के साथ भारत विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।



