भागलपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भागलपुर जिले को ऐतिहासिक तोहफा दिया है। पीरपैंती में बिहार का सबसे बड़ा पावर प्लांट स्थापित होने जा रहा है, जिसका शिलान्यास पीएम मोदी ने पूर्णिया से वर्चुअल माध्यम से किया। यह परियोजना न केवल बिहार बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति का नया अध्याय लिखेगी।
2400 मेगावाट का होगा पावर प्लांट
पीरपैंती में बनने वाला यह थर्मल पावर प्लांट 8100 मेगावाट की तीन इकाइयों में से प्रत्येक 800 मेगावाट का होगा, यानी कुल 2400 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा। करीब 29 हजार करोड़ की लागत से अदानी पावर इस परियोजना को पूरा करेगी। 15 अक्टूबर से निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में 3 साल के भीतर 800 मेगावाट की एक यूनिट शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

रोजगार और विकास की नई उम्मीद
इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर खुलेंगे। निर्माण कार्य शुरू होते ही करीब 3 हजार लोगों को नौकरी मिलेगी, जबकि पूरा पावर प्लांट चालू होने के बाद 12 हजार से अधिक लोगों को स्थायी रोजगार उपलब्ध होगा। अदानी पावर ने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने का भरोसा दिया है।
भौगोलिक स्थिति है खास
आपको बता दें कि प्लांट के लिए पीरपैंती को चुनने के पीछे इसके भौगोलिक फायदे हैं। यहां से सटे राजमहल क्षेत्र में कोयले का विशाल भंडार है, जबकि पास ही गंगा नदी बहती है, जिससे पानी की आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके अलावा लक्ष्मीपुर हॉल्ट से सीधे प्लांट तक रेलवे लाइन बिछाई जाएगी, ताकि कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
जमीन अधिग्रहण और मुआवजा
परियोजना के लिए 919 रैयतों की लगभग 990 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की 112 एकड़ और केंद्र की 85 एकड़ जमीन भी ली गई है। जिला प्रशासन के अनुसार 96 प्रतिशत किसानों को मुआवजा मिल चुका है। जिन किसानों का मामला कोर्ट में लंबित नहीं है, उन्हें शेष भुगतान के लिए नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि बकाया भुगतान के लिए धन उपलब्ध है।
नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगी
पीरपैंती में आयोजित भव्य कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह, कमिश्नर, जिलाधिकारी समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय विधायक ललन पासवान ने शिलान्यास के दौरान उत्साह में मिट्टी अपने माथे पर लगाकर नमन किया और कहा कि उन्होंने चुनाव जीतने के बाद यहां पावर प्लांट स्थापित करने का संकल्प लिया था, जो आज पूरा हुआ है।
‘13 साल बाद सपना साकार’
पीएम मोदी ने इसे न केवल भागलपुर, बल्कि पूरे बिहार और पूर्वोत्तर भारत की सबसे बड़ी निवेश परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि 2012 में भूमि अधिग्रहण के बाद से यह योजना अधर में थी, लेकिन अब 13 साल बाद लोगों का सपना पूरा हो रहा है। यह परियोजना इलाके के चौमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी और यहां कई अन्य उद्योगों को भी गति देगी।
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स्थानीय लोगों की उम्मीदें
स्थानीय लोगों ने पावर प्लांट निर्माण शुरू होने पर खुशी जताई। उनका कहना है कि इससे रोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन रुकेगा। लोगों ने उम्मीद जताई कि अदानी पावर स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक नौकरी का मौका देगी।
पीरपैंती पावर प्लांट केवल बिजली उत्पादन का साधन नहीं, बल्कि भागलपुर और पूरे बिहार की विकास गाथा का नया अध्याय बनने जा रहा है। 29 हजार करोड़ की यह परियोजना प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगी और हजारों परिवारों की जिंदगी में रोशनी भर देगी।



