नई दिल्ली: CII के 22वें वार्षिक स्वास्थ्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही फलते-फूलते समाज की बुनियाद है। विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका अहम होगी। भारत जल्द ही सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दुनिया का पसंदीदा केंद्र बनेगा।
सस्ती दवाएं-उपकरण सरकार की प्राथमिकता
केंद्रीय मंत्री गोयल ने बताया कि सरकार ने स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है। कैंसर की दवाओं, जरूरी दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर आयात शुल्क कम किया गया है। इससे इलाज आम नागरिक की पहुंच में आ रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरी दवाओं पर और ड्यूटी या सेस कम करने को सरकार तैयार है। उद्योग से सुझाव मांगे गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह सरकार सुनने वाली है और सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करेगी।
जन औषधि केंद्रों का जादू
जन औषधि केंद्र अब 10,000 से ज्यादा हो चुके हैं। ये केंद्र सस्ती जेनेरिक दवाएं और सैनिटरी सामान नाममात्र के दाम पर देते हैं। ग्रामीण और गरीब लोगों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिल रहा है।
घरेलू स्वास्थ्य पहले, फिर मेडिकल टूरिज्म
केंद्रीय मंत्री गोयल ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य व्यवस्था में दोहरा मापदंड नहीं चलेगा। विदेशी मरीजों पर फोकस करते हुए अपने नागरिकों को अच्छी सुविधा से वंचित नहीं किया जा सकता। मजबूत घरेलू स्वास्थ्य ढांचा ही भारत को मेडिकल वैल्यू ट्रैवल का ग्लोबल हब बनाएगा।
मेडिकल शिक्षा में बड़ा उछाल
2014 में देश में सिर्फ 7 एम्स और 387 मेडिकल कॉलेज थे। आज 23 एम्स और 706 कॉलेज हो चुके हैं। 2029 तक मेडिकल सीटें बढ़ाने का प्लान है। इससे डॉक्टरों की कमी दूर होगी और दुनिया को कुशल चिकित्सक मिलते रहेंगे।
आयुष्मान भारत से 70 करोड़ को मुफ्त इलाज
आयुष्मान भारत योजना से करीब 70 करोड़ लोग मुफ्त इलाज पा रहे हैं। 70 साल से ऊपर के हर बुजुर्ग को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है। प्रधानमंत्री का मानना है कि बदलते परिवार ढांचे में बुजुर्गों को सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए।/
विदेशी मरीजों के लिए आसान वीजा
मेडिकल टूरिस्ट के लिए वीजा-ऑन-अराइवल और ई-वीजा सुविधा कई देशों को दी जा रही है। विदेशों में लंबी वेटिंग और भारत में कम खर्च (एक-तिहाई या चौथाई) का फायदा है। अस्पताल 10% तक विदेशी मरीज ले सकते हैं, बशर्ते कमाई का हिस्सा आयुष्मान भारत या सीएसआर में लगाएं।
नर्स-केयरगिवर ट्रेनिंग बढ़ाने की अपील
बड़े अस्पतालों से नर्स और केयरगिवर की ट्रेनिंग बढ़ाने को कहा गया। एनआरआई डॉक्टरों की सेवाएं लेने के लिए नीति बनाई जा सकती है।
‘हील इन इंडिया’ में योग-आयुर्वेद शामिल
भारत में आधुनिक चिकित्सा, योग, आयुर्वेद, ध्यान और आतिथ्य संस्कृति का अनोखा मेल है। ‘हील इन इंडिया’ को समग्र कल्याण गंतव्य बनाने की दिशा में काम होगा।



