नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 18 नवंबर को फिक्की की 98वीं वार्षिक आम बैठक के पूर्वावलोकन में साफ कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के चार सबसे बड़े आधार मजबूत विनिर्माण, विश्वस्तरीय कौशल, भरपूर निवेश और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी है।
पहला स्तंभ: भारत बनेगा विनिर्माण का ग्लोबल हब
गोयल ने कहा कि हमें उन चीजों में आत्मनिर्भर बनना है जिन्हें हम अच्छी तरह और सस्ते में बना सकते हैं। एक ही देश या सप्लायर पर ज्यादा निर्भरता खतरनाक है। आज का दौर ऐसा है कि व्यापार को हथियार बनाया जा सकता है। इसलिए भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनना ही होगा।
दूसरा स्तंभ: अमृत पीढ़ी को बनाना है सुपर-स्किल्ड
मंत्री ने कहा कि असली समस्या बेरोजगारी नहीं, कम सैलरी वाली नौकरियां हैं। अब सिर्फ डिग्री नहीं, असली हुनर चाहिए। अच्छे वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, टेक्नीशियन चाहिए जो अनुशासन और सटीकता से काम करें। सिर्फ ऑफिस की आरामदायक नौकरी की चाहत छोड़नी होगी।
तीसरा स्तंभ: निवेश के लिए सबसे आसान देश बनेगा भारत
सरकार पुराने कानून हटा रही है, छोटी गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर रही है, अनुपालन का बोझ कम कर रही है। एफडीआई और एफआईआई को और तेज-सरल बनाया जा रहा है। गोयल ने कहा कि स्थिर नीति, भरोसेमंद माहौल और लगातार निवेश ही भारत को आगे ले जाएगा।
चौथा स्तंभ: टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में दुनिया का लीडर
भारत में हर साल 23 लाख स्टेम ग्रेजुएट तैयार हो रहे हैं। एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में 1 लाख करोड़ रुपये का रिसर्च-इनोवेशन फंड घोषित हुआ है। स्टार्टअप्स को पूरा सहारा मिल रहा है।
फिक्की के साथ नया पांच सूत्री एजेंडा
गोयल ने फिक्की के साथ मिलकर पांच सूत्री योजना बताई (FICCI):
- F – Fiscal Discipline (राजकोषीय अनुशासन)
- I – Innovation (नवाचार)
- C – Connectivity & Critical Infrastructure (कनेक्टिविटी और जरूरी ढांचा)
- C – Commerce (वाणिज्य)
- I – Inclusive Growth (समावेशी विकास)
उन्होंने फिक्की से कहा कि हर जिले तक पहुंचें, एमएसएमई को मजबूत करें, निर्यात बढ़ाएं, क्वालिटी और स्थिरता पर ध्यान दें।
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आखिरी संदेश: विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत
मंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री की विश्वास की राजनीति ने ही 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और भारत को 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया। अब तीसरे नंबर और 30-35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अनिश्चित दुनिया में भारत स्थिरता का प्रकाश-स्तंभ है। सरकार और उद्योग मिलकर 2047 तक विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत बनाएंगे।



