नई दिल्ली : ऑस्टिन स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी ओरेकल ने कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अपने ऑपरेशंस को ‘स्ट्रीमलाइन’ (सुव्यवस्थित) करने के लिए यह कदम उठाया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में कहा गया कि संगठनात्मक बदलावों के कारण उनके वर्तमान पद अब ‘अनावश्यक’ हो गए हैं।
छंटनी का मुख्य विवरण:
- कुल वैश्विक छंटनी: लगभग 30,000 कर्मचारी।
- भारत में प्रभाव: करीब 12,000 कर्मचारी अपनी नौकरी गँवा चुके हैं।
- भविष्य की योजना: रिपोर्ट के अनुसार, एक महीने के भीतर छंटनी का एक और दौर आ सकता है।
- कंपनी की स्थिति: मई 2025 तक ओरेकल के पास दुनिया भर में लगभग 1,62,000 पूर्णकालिक कर्मचारी थे।
सेवरेंस पैकेज और शर्तें
कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की है, लेकिन यह कुछ शर्तों के साथ है:
- वेतन: भारत में प्रत्येक वर्ष की सेवा के बदले 15 दिन का वेतन।
- अतिरिक्त भुगतान: एक महीने का नोटिस पीरियड वेतन, लीव एनकैशमेंट और पात्रता के आधार पर ग्रेच्युटी।
- टॉप-अप: कंपनी ने दो महीने के वेतन का ‘टॉप-अप’ भी ऑफर किया है।
- शर्त: यह पैकेज केवल उन्हीं को मिलेगा जो स्वेच्छा से और सौहार्दपूर्ण ढंग से इस्तीफा देंगे।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
एक पूर्व कर्मचारी, मेरुगु श्रीधर ने कहा कि उन्हें पहले ही 16 घंटे की वर्क शिफ्ट का विरोध करने पर निकाल दिया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका में काम करने वाले कई भारतीय भी इससे प्रभावित हुए हैं क्योंकि वहां स्थानीय नागरिकों के संरक्षण के लिए नियम काफी सख्त हैं।
वर्तमान में ओरेकल ने इस घटनाक्रम पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।



