ऑपरेशन सिंदूर तीनों सेनाओं में तालमेल की अनूठी मिसाल: सीडीएस

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर की खूबियों पर विस्तार से बात की। मौका सीडीएम, सिकंदराबार में वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद करने का था।

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नई दिल्ली: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जीत को तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और संचालनात्मक एकजुटता का प्रमाण बताया है। 21वें उच्च रक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम (एचडीएमसी) के प्रतिभागियों और कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट (सीडीएम) सिकंदराबाद के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि सीडीएस ने सशस्त्र बलों में सॉलिडैरिटी और इंट्रिगेशन पर रणनीतिक दृष्टिकोण साझा किए और एकीकृत अभियानों के भविष्य की कार्य योजना को आकार देने के लिए अहम बिंदुओं पर प्रकाश डाला।

सीडीएस ने ‘राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना और उच्चतर रक्षा प्रबंधन’ पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत के रक्षा संगठन के विकास और वर्तमान ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने सैन्य मामलों के विभाग की उपलब्धियों, निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा समितियों के कामकाज, संगठनात्मक पुनर्गठन सहित सुधारों के पालन और संयुक्त क्षमता बढ़ाने के लिए थिएटर कमांड की कार्य योजना पर प्रकाश डाला।

ऑपरेशन सिंदूर भारत की स्वदेशी शक्ति का प्रमाणः रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मध्य प्रदेश के उमरिया में ग्रीनफील्ड रेल निर्माण सुविधा बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग (ब्रह्मा) की आधारशिला रखते हुए कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि भारत स्वदेशी शक्ति से अपने दुश्मनों को परास्त करने में सक्षम है।’ उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए जघन्य और कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले का करारा जवाब था। उन्होंने कहा कि भारत की निर्णायक प्रतिक्रिया ने एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है कि देश अब अपनी अखंडता और संप्रभुता पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने आगे कहा कि हम किसी को उकसाते नहीं हैं, लेकिन जो हमें उकसाते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों ने स्वदेशी हथियारों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया, जिसने इस ऑपरेशन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि भारत इस मुकाम तक केवल इसलिए पहुंच पाया क्योंकि देश ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया था।

संयुक्त रसद और एकीकरण को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों के तहत, जनरल अनिल चौहान ने सीडीएम द्वारा तैयार एक व्यापक मार्गदर्शिका, ‘एकीकृत रसद के लिए संयुक्त प्राइमर’ जारी की। उन्होंने कहा कि रसद सैन्य अभियानों की रीढ़ है और सशस्त्र बलों में रसद प्रक्रियाओं का एकीकरण रणनीतिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए अत्यंत जरूरी है।

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यह प्रारंभिक दस्तावेज रसद प्रणालियों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक कदम आगे है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सशस्त्र बल किसी भी चुनौती के लिए हमेशा सुसज्जित और तैयार रहें। यह रसद एकीकरण, डिजिटलीकरण, साझा प्रावधान और खरीद तथा राष्ट्रीय रसद ढांचे के साथ एकीकरण के प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डालता है। इस दस्तावेज का लक्ष्‍य तीनों सेनाओं के बीच रसद समन्वय को बढ़ाना, दक्षता में सुधार लाना और सशस्त्र बलों में अधिक संगठनात्मक प्रभावशीलता सुनिश्चित करना है।

स्मार्ट बाइक पब्लिक साइकिल शेयरिंग सुविधा

सीडीएस ने स्मार्ट बाइक पब्लिक साइकिल शेयरिंग सुविधा का भी उद्घाटन किया, जो सीडीएम के कर्मचारियों के लिए दैनिक आवागमन हेतु पर्यावरण-अनुकूल ई-साइकिलों तक सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की एक अग्रणी कदम है। यह परियोजना सीडीएम द्वारा स्मार्ट बाइक मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से लागू की गई है और यह सीडीएम की पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं, स्मार्ट तकनीक और स्वस्थ जीवनशैली विकल्पों को अपनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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