मसूरी का ओक ग्रोव स्कूल: 138 वर्षों से गढ़ रहा सफलता की नई इबारत

देवभूमि उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में बसे मसूरी के झारीपानी स्थित ओक ग्रोव स्कूल आज भी शिक्षा, अनुशासन और उत्कृष्टता का प्रतीक बना हुआ है।

Share This Article:

नई दिल्ली: देवभूमि उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में बसे मसूरी के झारीपानी स्थित ओक ग्रोव स्कूल आज भी शिक्षा, अनुशासन और उत्कृष्टता का प्रतीक बना हुआ है। वर्ष 1888 में स्थापित यह प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालय पिछले 138 वर्षों से देश को प्रतिभाशाली छात्र, अधिकारी और खिलाड़ी दे रहा है।

करीब 317 एकड़ में फैला विशाल परिसर प्रकृति की गोद में स्थित है और आधुनिक सुविधाओं से लैस यह संस्थान भविष्य के नेताओं, प्रशासकों और खिलाड़ियों को तैयार करने की एक सशक्त नर्सरी के रूप में जाना जाता है।


सिविल सेवा में भी ‘ओकग्रोवियंस’ की चमक

ओक ग्रोव स्कूल का नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं में भी लगातार चमकता रहा है।
हाल ही में सिविल सेवा परीक्षा 2025 में स्कूल के छात्र इश्वित्वा आनंद ने ऑल इंडिया 50वीं रैंक हासिल कर संस्थान का गौरव बढ़ाया।

इससे पहले वर्ष 2002 में इसी विद्यालय के छात्र मयंक जोशी ने देशभर में चौथी रैंक प्राप्त कर स्कूल का नाम रोशन किया था। इन उपलब्धियों ने ‘ओकग्रोवियंस’ की पहचान देश के प्रतिभाशाली युवाओं में और मजबूत कर दी है।


डिजिटल शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं से लैस परिसर

समय के साथ कदम मिलाते हुए स्कूल ने अपने शैक्षणिक ढांचे को पूरी तरह आधुनिक बना लिया है।
संस्थान के तीनों विंग में इंटरएक्टिव एलईडी पैनलों से लैस स्मार्ट क्लासरूम और अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ उपलब्ध हैं।

इसके अलावा 01:13 का शिक्षक-छात्र अनुपात हर विद्यार्थी को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सर्वांगीण विकास का अवसर देता है।


खेल के मैदान में भी अंतरराष्ट्रीय पहचान

पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी ओक ग्रोव स्कूल का प्रदर्शन शानदार रहा है। खासकर हॉकी के क्षेत्र में यहाँ से कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकले हैं।

स्कूल का एनसीसी (थल सेना विंग) छात्रों में नेतृत्व क्षमता और अनुशासन विकसित करता है, जिससे कई छात्र आगे चलकर सशस्त्र बलों में भी योगदान दे रहे हैं।


प्रतिभा निखारने के लिए आधुनिक सुविधाएँ

संस्थान में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कई आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिनमें—

  • 600 सीटों वाला अत्याधुनिक सभागार
  • सुसज्जित जिमनेजियम
  • विभिन्न खेलों के लिए विकसित मैदान

ये सभी सुविधाएँ विद्यार्थियों की शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को मजबूत बनाती हैं।


रेलवे कर्मचारियों और आम जनता के लिए अवसर

भारतीय रेलवे द्वारा संचालित यह सह-शिक्षा आवासीय विद्यालय कक्षा 3 से 12 तक शिक्षा प्रदान करता है।

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ रेलवे कर्मचारियों के बच्चों के साथ-साथ आम जनता के बच्चों को भी रियायती शुल्क पर उच्चस्तरीय आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है।


ओक ग्रोव स्कूल की 138 वर्षों की गौरवशाली यात्रा यह साबित करती है कि परंपरा और आधुनिकता के संतुलन के साथ शिक्षा का यह मंदिर आज भी नई पीढ़ी के सपनों को पंख देने का काम कर रहा है।

Samiksha Mishra

samiksha.mishra1222@gmail.com

मैं कॉपीराइटर हूँ, जिसे कंटेंट के ज़रिए कहानियाँ गढ़ने और ब्रांड्स की आवाज को मजबूती देने का तीन वर्षों का पेशेवर अनुभव है। शब्दों की सटीकता, रचनात्मकता और पाठकों से जुड़ाव, यही मेरी लेखनी की पहचान है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.