जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय में शुक्रवार को उस वक्त भारी तनाव फैल गया जब कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के सदस्यों ने महिला सशक्तिकरण के एक कार्यक्रम के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। NSUI का आरोप है कि ‘मरुधरा नारी संगठन’ द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम RSS की विचारधारा को बढ़ावा देने की एक कोशिश थी।
पुलिस ने बरती सख्ती
विश्वविद्यालय के मानविकी सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने जब परिसर के भीतर घुसने के लिए पुलिस बैरिकेड्स लांघने की कोशिश की, तो स्थिति अनियंत्रित हो गई। पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान कई NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कैंपस के अंदर और बाहर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
राजस्थान विश्वविद्यालय में RSS के एजेंडे के खिलाफ आवाज़ उठाने पर NSUI कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और गैर-कानूनी हिरासत, यह BJP सरकार का खुला दमन है। पुलिस द्वारा छात्रों को घसीटना और महिला छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार सत्ता के अहंकार को उजागर करता है।
— NSUI (@nsui) April 3, 2026
NSUI इस अन्याय का विरोध करती… pic.twitter.com/WshGBttKvq
अशोक गहलोत और कांग्रेस का कड़ा रुख
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना और पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा, “शिक्षण संस्थान ज्ञान, अनुसंधान और समानता के केंद्र होने चाहिए, न कि किसी विशेष वैचारिक या राजनीतिक गतिविधियों के मंच।” गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन अपने ‘राजनीतिक आकाओं’ को खुश करने के लिए शैक्षणिक माहौल को प्रभावित कर रहे हैं।
राजस्थान विश्वविद्यालय में RSS की विचारधारा थोपने और शैक्षणिक संस्थानों की स्वायत्तता को कमजोर करने के खिलाफ NSUI का शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रतीक है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 3, 2026
ऐसे विरोध को दबाने के लिए NSUI के नेताओं व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भाजपा सरकार की बौखलाहट और…
विपक्ष के नेता टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सरकार पर निशाना साधा। जूली ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों पर RSS की विचारधारा थोपने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं, जबकि डोटासरा ने कार्यकर्ताओं की हिरासत को सरकार की ‘तानाशाही मानसिकता’ करार दिया।
राजस्थान विश्वविद्यालय में RSS की विचारधारा थोपने और शैक्षणिक संस्थानों को उसकी कठपुतली बनाने के प्रयासों के खिलाफ NSUI द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण विरोध में NSUI के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लेना भाजपा सरकार की बौखलाहट और तानाशाही मानसिकता का प्रमाण है।…
— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) April 3, 2026
पहले भी हो चुका है टकराव
यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान यूनिवर्सिटी में इस तरह का वैचारिक टकराव देखने को मिला है। इससे पहले 30 सितंबर 2025 को भी NSUI ने परिसर में RSS के ‘शस्त्र पूजन’ कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया था। NSUI नेता अमरदीप परिहार ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय सीखने का केंद्र है और यहाँ किसी खास विचारधारा को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।



