नई दिल्ली: पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में बड़े बदलाव की घोषणा की है, जो 1 अक्टूबर, 2025 से प्रभावी होंगे। नए मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के तहत, खासकर नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर के लोग, जैसे कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स और गिग वर्कर्स अपनी जोखिम क्षमता के आधार पर विभिन्न स्कीम्स में निवेश कर सकेंगे। पहले एक पैन नंबर से केवल एक स्कीम में निवेश की अनुमति थी, लेकिन अब आप हाई-रिस्क इक्विटी स्कीम्स (100% तक इक्विटी निवेश) या मध्यम जोखिम वाली स्कीम्स चुन सकते हैं। यह लचीलापन निवेशकों को अपनी जरूरतों के हिसाब से बेहतर रिटर्न कमाने में मदद करेगा।
पेंशन स्कीम्स के शुल्क में बदलाव
PFRDA ने NPS, अटल पेंशन योजना (APY), यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) और NPS लाइट के लिए शुल्क संरचना में भी बदलाव किया है। अब सरकारी कर्मचारियों को ई-पीआरएएन किट के लिए 18 रुपये और ऑफलाइन पीआरएएन कार्ड के लिए 40 रुपये देने होंगे। जीरो बैलेंस अकाउंट्स से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और लेनदेन पर भी अतिरिक्त फीस नहीं लगेगी। इसके अलावा, NPS वात्सल्य और अन्य स्कीम्स के लिए निकास नियमों को सरल किया गया है, जिसमें आयु सीमा बढ़ाने और एकमुश्त निकासी की सीमा में वृद्धि जैसे प्रावधान शामिल हैं।
ऑनलाइन गेमिंग नियमों का नया दौर
1 अक्टूबर से ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े नए नियम भी लागू होंगे, जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 अगस्त, 2025 को मंजूरी दी थी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गेमिंग कंपनियों, बैंकों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा के बाद ये नियम तैयार किए गए हैं। अगर इंडस्ट्री को और समय चाहिए, तो सरकार इस पर विचार करने को तैयार है। ये नियम ऑनलाइन गेमिंग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का लक्ष्य रखते हैं।
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आम लोगों पर क्या होगा असर?
NPS के नए नियम नॉन-गवर्नमेंट कर्मचारियों को निवेश में अधिक स्वतंत्रता देंगे, जिससे वे अपने रिटायरमेंट फंड को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकेंगे। वहीं, ऑनलाइन गेमिंग नियम उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित और निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करेंगे। इन बदलावों का असर आम लोगों की वित्तीय योजना और डिजिटल गेमिंग अनुभव पर सकारात्मक रूप से पड़ने की उम्मीद है।



