नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा से लोगों को राहत दिलाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एक अहम फैसला लिया है। आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) को और सख्त बना दिया है। सीएक्यूएम की ओर से 21 नवंबर को जारी नए नियमों के तहत अब हवा की गुणवत्ता ”खराब” होने पर ही ट्रैफिक को सुचारू बनाने, बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने और सार्वजनिक परिवहन बढ़ाने जैसे कदम उठाए जाएंगे। पहले ये कदम ”बहुत खराब” हवा में ही लगाए जाते थे। इससे प्रदूषण को जल्दी काबू करने में मदद मिलेगी।
सभी एजेंसियों को तुरंत इन नियमों को लागू करने का निर्देश
सीएक्यूएम ने 20 नवंबर को स्टेकहोल्डर्स से चर्चा के बाद ये बदलाव किए हैं। इसका मकसद वैज्ञानिक डेटा, विशेषज्ञ सलाह और पिछले सालों के अनुभवों से सीख लेकर हवा को और बिगड़ने से रोकना है। सीएक्यूएम ने सभी एजेंसियों को तुरंत इन नियमों को लागू करने का निर्देश दिया है। आयोग के अध्यक्ष का कहना है कि ये बदलाव हवा की गुणवत्ता को बिगड़ने से पहले रोकने के लिए हैं। मौसम की भविष्यवाणी के साथ मिलकर वह जल्दी एक्शन लेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम सर्दियों में स्मॉग की समस्या को कम करेंगे, खासकर जब एक्यूआई तेजी से बढ़ता है। ऐसे में ग्रेप के नियमों में मुख्य बदलाव किए गए हैं।
ग्रेप 1 (पहले ये कदम स्टेज 2 में थे, अब स्टेज 1 में शिफ्ट हो गए)
- बिजली की बिना रुकावट सप्लाई दें, ताकि डीजल जेनरेटर (डीजी सेट) का इस्तेमाल न हो।
- ट्रैफिक सिग्नल पर कर्मचारियों की तैनाती बढ़ाकर जाम कम करें।
- अखबार, टीवी और रेडियो पर अलर्ट दें, प्रदूषण के स्तर बताएं और लोगों को ”करें-न करें” की सलाह दें।
- सीएनजी/इलेक्ट्रिक बसें और मेट्रो की संख्या बढ़ाएं, फेरे तेज करें। ऑफ-पीक घंटों में सस्ते रेट लगाकर यात्रा बढ़ावा दें।
ग्रेप 2 (पहले स्टेज 3 के कदम अब यहां आ गए)
- दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर में सरकारी और म्यूनिसिपल ऑफिसों के समय अलग-अलग करें।
- बाकी एनसीआर इलाकों में राज्य सरकारें फैसला लें।
- केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर के अपने ऑफिसों के समय पर विचार करे।
ग्रेप 3 (पहले स्टेज 4 के कदम अब यहां आ गए)
- एनसीआर सरकारें/दिल्ली सरकार सार्वजनिक, म्यूनिसिपल और प्राइवेट ऑफिसों में 50 फीसदी स्टाफ को काम पर बुलाएं, बाकी वर्क फ्रॉम होम करें।
- केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम पर फैसला ले।



