नई दिल्ली: नवंबर का आधा महीना बीतते ही मौसम ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। जहां उत्तर और मध्य भारत में शीतलहरी की लहरें लोगों को घरों में कैद कर रही हैं, वहीं दक्षिण के राज्यों में बादल गरज रहे हैं और भारी बारिश की चेतावनी ने सबको सतर्क कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज सुबह जारी बुलेटिन में साफ कहा है कि अगले 4-5 दिनों में तापमान में भारी गिरावट, घना कोहरा और तूफानी बारिश का दौर चलेगा। ये बदलाव न सिर्फ यात्रा को मुश्किल बना देंगे, बल्कि फसलों, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर भी गहरा असर डालेंगे।
उत्तर भारत में सर्दी का कहर: पारा लुढ़क रहा माइनस में
उत्तर भारत ठंड की चपेट में फंस चुका है। IMD के अनुसार, 15 और 16 नवंबर को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में शीतलहरी का प्रकोप चरम पर रहेगा। कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री नीचे चला जाएगा, जिससे रातें और सुबहें असहनीय हो जाएंगी। राजस्थान के सीकर और झुंझुनू जिलों में तो रिकॉर्ड तोड़ ठंड का अलर्ट जारी हो चुका है, जो 15 नवंबर तक जारी रहेगा। पहाड़ी इलाकों में हालात और भी खराब हैं। उत्तराखंड के ऊंचे क्षेत्रों में पाला पड़ने से फसलें खतरे में हैं, जबकि रात का पारा 5 डिग्री से नीचे सरक गया है।
मौसम शुष्क होने के बावजूद, दिन की धूप रात की ठंड को झेलने लायक नहीं बना पा रही। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी सर्द हवाओं ने दस्तक दे दी है। ताबो में माइनस 5.3, कुकुमसेरी में माइनस 4.1 और केलांग में माइनस 3.6 डिग्री दर्ज हो चुका। कल ऊना में दिन का तापमान 28.2 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन अब गिरावट की रफ्तार तेज हो गई है। दिल्ली-एनसीआर में कोहरे की चादर ने प्रदूषण को और भयानक बना दिया। AQI 400 से ऊपर पहुंच गया है, और सर्द हवाओं से पारा लुढ़क रहा। आज अधिकतम 25 और न्यूनतम 10 डिग्री का अनुमान है, लेकिन अगले दिनों में न्यूनतम 9 डिग्री तक गिर सकता है। पश्चिम भारत में अगले 24 घंटे स्थिर रहेगा, उसके बाद 3-4 डिग्री की और गिरावट आएगी।
दक्षिण में बारिश का तांडव: येलो अलर्ट, बाढ़ का डर
दक्षिण भारत में मानसून का उल्टा असर दिख रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात और श्रीलंका के पास ऊपरी हवाओं ने तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश का रास्ता साफ कर दिया। IMD ने 16-19 नवंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान लगाया है, जिसमें 64.5 से 115.5 मिमी तक पानी गिर सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में हल्की से मध्यम बौछारें होंगी, लेकिन गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बरकरार। येलो अलर्ट जारी होने से जल भराव, सड़कें बंद और बिजली कटौती की आशंका बढ़ गई। तमिलनाडु में सूखे का सिलसिला टूट चुका है, और अब मॉनसून जैसी बारिश 15 नवंबर तक हल्की रहेगी, लेकिन वीकेंड से तीव्र हो जाएगी। द्वीप समूहों पर भी नजर रखी जा रही है।
कोहरे की मार: यात्रा पर ब्रेक, दृश्यता शून्य
उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर राज्यों, पंजाब, असम, मेघालय और बिहार में अगले 5 दिनों तक हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहेगा। कई जगहों पर दृश्यता 500 मीटर तक सिमट गई, जिससे ट्रेनें लेट और हाईवे पर जाम लग रहे हैं। ड्राइवरों को फॉग लाइट्स ऑन रखने और स्पीड कंट्रोल करने की सलाह दी गई है, वरना दुर्घटनाएं बढ़ सकती हैं।
स्वास्थ्य और कृषि पर संकट: सावधानियां बरतें
अचानक ठंड से सांस की बीमारियां, जुकाम और फ्रॉस्टबाइट का खतरा बढ़ गया। खुले अंगों पर ठंड लगने से त्वचा सुन्न हो सकती है, तुरंत गर्माहट लें। किसानों को पाले से फसलों की रक्षा के लिए कवरिंग करें, जबकि दक्षिण में बारिश से धान और सब्जियां डूब सकती हैं। पशुपालकों को जानवरों के लिए आश्रय और चारा सुनिश्चित करना होगा।



