नई दिल्ली: निवेशक शिक्षा और संरक्षण निधि प्राधिकरण (IEPFA) ने ’निवेशक दीदी’ का दूसरा चरण लॉन्च कर दिया है। इसके तहत महिलाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ाई जाएगी। ग्रामीण समुदायों विशेषकर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा। आईईपीएफए की सीईओ अनीता शाह अकेला ने महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को वित्तीय ज्ञान से लैस करने के महत्व पर जोर दिया, ताकि वे सोच-समझकर फ़ैसले ले सकें। अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रख सकें। देश की वित्तीय प्रणाली में सक्रिय रूप से भाग ले सकें। उन्होंने कहा कि निवेशक दीदी ज्ञान की कमी को दूर करने और समुदायों में विश्वास पैदा करने में उत्प्रेरक का काम करती हैं। समझने में आसानी के लिए यह शिविर स्थानीय भाषा तेलुगु में आयोजित किया गया था।
इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) तेलंगाना सर्कल के क्षेत्र प्रमुख कृष्ण कुमार एल. ने वित्तीय शिक्षा और सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने और नागरिकों को सुरक्षित एवं पारदर्शी वित्तीय समाधानों तक पहुंच प्रदान करने में आईपीपीबी की गांवों और पंचायतों तक व्यापक पहुंच की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
क्या है निवेशक दीदी कार्यक्रम
निवेशक दीदी वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम है जो महिला डाक कर्मचारियों और स्थानीय सामुदायिक नेताओं की पहचान करके उन्हें वित्तीय शिक्षक बनने के लिए प्रशिक्षित करता है। निवेशक दीदी कहलाने वाली ये महिलाएं अपने साथियों को वित्त के महत्वपूर्ण पहलुओं पर शिक्षित करने के लिए आवश्यक उपकरणों और ज्ञान से लैस हैं-
- बजट बनाना और बचत करना
- ज़िम्मेदार निवेश
- डिजिटल बैंकिंग उपकरण
- धोखाधड़ी और घोटाले के प्रति जागरूकता
- इसका उद्देश्य सरल लेकिन प्रभावशाली है, महिलाओं को अपने वित्त की ज़िम्मेदारी लेने के लिए सशक्त बनाना और बदले में अपने समुदाय के अन्य लोगों को भी सशक्त बनाना।
आईईपीएफए क्या है
आईईपीएफए की स्थापना भारत सरकार द्वारा कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत निवेशक शिक्षा, जागरूकता और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। देशव्यापी आउटरीच पहलों के माध्यम से आईईपीएफए नागरिकों को वित्तीय ज्ञान और धोखाधड़ी से सुरक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।



