नई दिल्ली: New GST Rate Cut: हाल ही में सरकार ने GST दरों में बदलाव कर उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की है। नए नियमों के तहत टैक्स स्लैब को सरल करते हुए चार की जगह दो स्लैब (5% और 18%) कर दिए गए हैं। इससे रोजमर्रा की जरूरी चीजों जैसे खाद्य पदार्थ, कपड़े और कुछ सेवाओं की कीमतें कम होनी चाहिए। मगर कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि दुकानदार और ऑनलाइन स्टोर पुराने दाम ही वसूल रहे हैं। यह अंतर उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि जीएसटी कटौती का फायदा उनकी जेब तक नहीं पहुंच रहा।
दुकानदारों की मनमानी पर लगाम
बाजार में कुछ दुकानदार और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म टैक्स में कमी के बावजूद कीमतें कम नहीं कर रहे। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा टूट रहा है। सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लिया है और उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए कदम उठाए हैं। अगर आपको लगता है कि आपसे जरूरत से ज्यादा पैसे लिए जा रहे हैं, तो आप तुरंत शिकायत दर्ज कर सकते हैं। सरकार ने इसके लिए कई आसान रास्ते उपलब्ध कराए हैं।
शिकायत कैसे करें?
उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए निम्नलिखित तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:
- टोल-फ्री नंबर: 1915 पर कॉल करें और अपनी समस्या बताएं।
- व्हाट्सएप: 8800001915 पर मैसेज भेजकर शिकायत दर्ज करें।
- ऑनलाइन पोर्टल: INGRAM (एकीकृत शिकायत निपटान प्रणाली) पर जाकर अपनी शिकायत सबमिट करें।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) के जरिए शिकायतें तुरंत सुनी जाएंगी और कार्रवाई की जाएगी।
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उपभोक्ता जागरूकता और अधिकार
जीएसटी 2.0 के तहत 99% रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया है। कई कंपनियों ने कीमतें घटाने की घोषणा भी की है। फिर भी, अगर आपको लगता है कि आपको राहत नहीं मिल रही, तो शिकायत करना आपका हक है। सरकार बाजार पर नजर रख रही है और अनुचित मूल्य वसूली पर सख्त कार्रवाई का वादा करती है।
जीएसटी कटौती का मकसद उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देना है। अगर दुकानदार या ऑनलाइन स्टोर इसका लाभ नहीं दे रहे, तो अपनी आवाज उठाएं। शिकायत दर्ज करके आप न केवल अपने हक की रक्षा करेंगे, बल्कि बाजार में पारदर्शिता को भी बढ़ावा देंगे।



