मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ बनाने के दावे से सियासी घमासान

मुर्शिदाबाद में TMC विधायक हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद शिलान्यास विवाद पर राजनीतिक माहौल गरम। BJP और हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मंदिर-मस्जिद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भरतपुर से TMC विधायक हुमायूं कबीर ने दावा किया है कि वे 6 दिसंबर 2025 को बेलडांगा इलाके में ‘बाबरी मस्जिद’ का शिलान्यास करेंगे। उनका कहना है कि मुसलमानों की भावनाओं को संतुलित करने के लिए यह कदम जरूरी है और जिस दिन अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराया गया था, उसी तारीख पर मस्जिद निर्माण का भूमि पूजन किया जाएगा।

हुमायूं कबीर से TMC ने बनाई दूरी

हुमायूं कबीर के बयान के बाद उनकी पार्टी TMC ने उनसे दूरी बना ली और बाद में उन्हें निलंबित भी कर दिया। इस बीच जमीन को लेकर भी विवाद सामने आया है। कबीर का कहना है कि उन्होंने नई जगह तलाश ली है, लेकिन स्थानीय नेताओं और पुलिस की वजह से जमीन उपलब्ध कराने में बाधा आ रही है।

कई विवादित बयान दे चुके हैं हुमायूं

विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे बयान को राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। हुमायूं कबीर इससे पहले भी कई विवादित बयान दे चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि अगर किसी ने मस्जिद निर्माण का विरोध किया तो “100 मुसलमान शहीद होंगे, लेकिन 500 को साथ ले जाएंगे।” 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने हिंदू समुदाय को लेकर भड़काऊ बयान दिया था, जिसके बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया था।

हिंदूवादी संगठन ने राम मंदिर बनाने का दावा किया

वहीं, इस विवाद के जवाब में BJP और एक हिंदूवादी संगठन ने मुर्शिदाबाद में अयोध्या की तर्ज पर दो अलग-अलग राम मंदिर बनाने का दावा किया है। BJP नेताओं का कहना है कि कोई भी अपनी जमीन पर मस्जिद बना सकता है, लेकिन बाबर के नाम पर मस्जिद का निर्माण भारत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

दिलीप घोष ने दी चेतावनी

BJP नेता दिलीप घोष और उमा भारती ने हुमायूं कबीर के बयान को भड़काऊ और खतरनाक बताया है। उमा भारती ने चेतावनी देते हुए कहा कि बाबर के नाम पर बनाई गई किसी भी इमारत का वही हाल होगा जो अयोध्या में हुआ था। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं ने उमा भारती को मुर्शिदाबाद आकर मस्जिद गिराने की चुनौती दे डाली। इसके अलावा, RSS से जुड़े एक संगठन के ट्रस्ट ने भी कहा है कि अगर बाबर के नाम पर मस्जिद बनाई गई तो वे विरोध करेंगे और 26 दिसंबर को राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे। उनका आरोप है कि मुसलमानों के बीच भ्रम और राजनीतिक ध्रुवीकरण पैदा करने के लिए यह मुद्दा जानबूझकर उठाया जा रहा है।

क्या कहते हैं विश्लेषक

मुर्शिदाबाद की संवेदनशील स्थिति इस विवाद को और गंभीर बनाती है। यह इलाका बांग्लादेश सीमा से सटा हुआ है और यहां कई बार सांप्रदायिक तनाव देखा गया है। अप्रैल 2025 में वक्फ कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान यहां हिंसा भड़क गई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में अप्रैल 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मंदिर-मस्जिद की इस बयानबाजी को वोट बैंक की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्ष TMC पर वातावरण बिगाड़ने का आरोप लगा रहा है, जबकि TMC के वरिष्ठ नेता इस पूरे मामले को हुमायूं कबीर की व्यक्तिगत राजनीति बताते हुए इसे पार्टी लाइन से अलग बता रहे हैं।

इस विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हुमायूं कबीर का यह ऐलान वास्तव में धार्मिक स्थल निर्माण का प्रयास है, या फिर चुनावी रणनीति का हिस्सा। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि मुर्शिदाबाद की मुस्लिम बहुल जनसंख्या को लेकर वोट–ध्रुवीकरण की कोशिश साफ़ दिखाई देती है। वहीं, बीजेपी इस अवसर का उपयोग TMC को घेरने और हिंदू मतदाताओं के बीच समर्थन बढ़ाने के लिए कर रही है। दोनों पक्षों की बयानबाजी से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है और प्रशासन पर कानून–व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है।

Sandeep Kumar

sandeepx4a@gmail.com

संदीप कुमार एक अनुभवी वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार जगत में 14 साल से ज्यादा काम किया है। इन्हें गहन शोध, सटीक रिपोर्टिंग और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। उन्होंने ETV Bharat, Hyderabad में साढ़े पाँच वर्षों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राष्ट्रीय से लेकर क्षेत्रीय स्तर तक कई अहम खबरों को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने Network 10, TOTAL News, MH1 समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अपनी पत्रकारिता का कौशल साबित किया। राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, समाज और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। इस समय newG india में कार्यरत हैं।

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