विदेश में PHD के लिए SC/ST छात्रों को मोदी सरकार की स्कॉलरशिप

भारत सरकार की योजना अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों को विदेश में PHD के लिए 20 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद देती है।

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नई दिल्ली: भारत सरकार का सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना चला रहा है। इस स्कीम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों को विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में PHD करने के लिए 20 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी प्रतिभाशाली छात्र उच्च शिक्षा के अवसर से वंचित न रहे।

योजना के लिए पात्रता

  • इस स्कॉलरशिप का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:
  • उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से न्यूनतम 60% अंकों के साथ स्नातकोत्तर डिग्री हासिल करनी होगी।
  • आवेदक की उम्र 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
  • आवेदक अनुसूचित जाति या जनजाति समुदाय से होना चाहिए।
  • इन मानदंडों को पूरा करने वाले छात्र विदेश में पीएचडी करने का सपना साकार कर सकते हैं।

योजना के लिए पात्रता

इस योजना के तहत हर साल 125 मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता दी जाती है। सहायता राशि का निर्धारण कोर्स, संस्थान की रैंकिंग और अन्य कारकों के आधार पर किया जाता है। यह राशि ट्यूशन फीस, वीजा, हवाई यात्रा और रहने-खाने के खर्च को कवर करती है। चयन प्रक्रिया में उम्मीदवार के शैक्षणिक रिकॉर्ड, चुने गए संस्थान की प्रतिष्ठा और कोर्स की प्रासंगिकता को ध्यान में रखा जाता है।

समय सीमा का महत्व

इस स्कॉलरशिप के तहत पीएचडी पूरी करने के लिए अधिकतम 4 वर्ष का समय दिया जाता है। छात्रों को इस अवधि में अपना कोर्स पूरा करना होगा, ताकि सरकारी सहायता का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक छात्र सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट nosmsje.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर योजना की पूरी जानकारी, दिशा-निर्देश और आवेदन फॉर्म उपलब्ध हैं। आवेदन से पहले सभी शर्तों और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें।

एक उदाहरण

मान लीजिए, दिल्ली का एक SC वर्ग का छात्र, जिसने स्नातकोत्तर में 65% अंक प्राप्त किए हैं, 30 वर्ष की आयु में है और जिसके परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये है। यदि उसे हार्वर्ड या ऑक्सफोर्ड जैसे विश्वविद्यालय से पीएचडी का ऑफर मिलता है, तो वह इस योजना के तहत 20 लाख रुपये तक की सहायता प्राप्त कर सकता है। यह राशि उसकी ट्यूशन फीस, वीजा, यात्रा और रहने के खर्च को कवर करेगी।

यह योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर SC/ST छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करती है, बल्कि भारत के सामाजिक समावेशन और शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर इस स्कीम के बारे में जागरूकता फैलाएं और योग्य छात्रों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करें।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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