कोच्चि में लॉन्च हुई समुद्री मत्स्य जनगणना, पूरी तरह बनी डिजिटल

VYAS ऐप्स से रीयल-टाइम, जियो-रेफरेंस्ड डेटा संग्रह संभव, मछुआरों की भलाई के लिए मजबूत आधार। केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने NFDP पोर्टल पर पंजीकरण का आह्वान किया, तकनीक की भूमिका पर जोर।

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नई दिल्ली: केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जॉर्ज कुरियन ने शुक्रवार को कोच्चि में समुद्री मत्स्य जनगणना (MFC) 2025 का घरेलू गणना चरण और VYAS-भारत और VYAS-सूत्र ऐप लॉन्च किया। यह राष्ट्रीय गणना प्रक्रिया का पूर्ण डिजिटल परिवर्तन है, जो पारंपरिक कागजी पद्धति से हटकर सबसे विस्तृत, सूक्ष्म और जियो-रेफरेंस्ड डेटाबेस तैयार करेगा। इससे साक्ष्य-आधारित योजना को मजबूती मिलेगी। कुरियन ने हितधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ट्रांसपॉन्डर और कछुआ बहिष्कार उपकरण जैसे वैज्ञानिक उपकरण मछुआरों को मुफ्त उपलब्ध करा रही है। उन्होंने मछुआरों और मत्स्य किसानों से NFDP पोर्टल पर पंजीकरण कर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।

डिजिटल क्रांति: पूर्णतः पेपरलेस गणना

MFC-2025 पूर्व गणनाओं (2005, 2010, 2016) से क्रांतिकारी बदलाव है। 13 तटीय राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 5,000 गांवों/बस्तियों में 12 लाख मछुआरा परिवारों की गणना पूरी तरह डिजिटल होगी। इसमें अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप शामिल हैं। गणना का मुख्य चरण 3 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 तक 45 दिनों का होगा।

VYAS ऐप्स: तकनीकी ढांचा

ICAR-केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (CMFRI) द्वारा विकसित बहुभाषी एंड्रॉयड ऐप्स VYAS-NAV (मत्स्य गांवों और बंदरगाहों की सत्यापन के लिए), VYAS-भारत (घरेलू एवं बुनियादी ढांचा गणना) और VYAS-सूत्र (रीयल-टाइम निगरानी) इसकी रीढ़ हैं। इससे तत्काल जियो-रेफरेंस्ड डेटा संग्रह होगा, त्रुटियां कम होंगी और प्रसंस्करण तेज होगा।

निगरानी और दक्षता: वेब डैशबोर्ड

बहु-स्तरीय वेब डैशबोर्ड और पर्यवेक्षण ऐप से संपूर्ण प्रक्रिया की रीयल-टाइम ट्रैकिंग, डेटा सटीकता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। पूर्व-गणना कार्यशालाओं और तटीय राज्यों की मत्स्य बैठक 2025 जैसे आयोजनों से तैयारी मजबूत हुई। CMFRI और मत्स्य विभाग ड्रोन तकनीक से ट्रॉल प्रतिबंध काल में मछली पकड़ने के यानों की हवाई गणना कर रहे हैं, जैसे पूर्वी तट पर विशाखापत्तनम, काकीनाड़ा और तूतीकोरिन तथा पश्चिमी तट पर मंगलुरु, बेपोर और पुत्तियप्पा।

विस्तारित डेटा: सामाजिक-आर्थिक विश्लेषण

गणना का दायरा बढ़ाकर तटीय आबादी की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का गहन आकलन होगा। पहली बार परिवार की कुल आय, घर स्वामित्व, देनदारियां, ऋण स्रोत, बीमा स्थिति, कोविड-19 प्रभाव, PMMSY/PM-MKSSY लाभ जैसे संकेतक शामिल हैं। FFPO और SHG पर नई अनुसूचियां सामूहिकता और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेंगी।

मत्स्य विभाग और CMFRI द्वारा वित्त पोषित यह पांचवीं गणना FSI के सहयोग से 1,200+ लैंडिंग सेंटरों, 50 बंदरगाहों, बाजारों और प्रसंस्करण इकाइयों को कवर करेगी। ‘स्मार्ट सेंसस, स्मार्टर फिशरीज’ का नारा देकर यह PM-MKSSY आवंटन, बुनियादी ढांचा उन्नयन और जलवायु-अनुकूल विकास के लिए आधार बनेगी। महिलाओं और युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देकर तटीय पारिस्थितिकी में समुदाय-नेतृत्व वाली वृद्धि सुनिश्चित होगी।

Sakshi Pal

sakshipal8700@gmail.com

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