नई दिल्ली: विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधीन विधि कार्य विभाग ने विशेष अभियान 5.0 को पूर्ण सफलता के साथ संपन्न किया है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के मार्गदर्शन और विधि सचिव डॉ. अंजू राठी राणा के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में विभाग ने सभी निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा कर लिया। देशभर में फैले विभागीय कार्यालयों ने प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा निर्धारित बारह बिंदुओं पर केंद्रित होकर स्वच्छता ही सेवा के संकल्प को साकार किया।
तैयारी से प्रदर्शन तक
अभियान की तैयारी सितंबर में शुरू हुई और दो अक्टूबर से कार्यान्वयन चरण आरंभ हुआ। दैनिक समीक्षा, एससीडीपीएम 5.0 पोर्टल पर डिजिटल ट्रैकिंग और अंतर-विभागीय निगरानी से हर पैरामीटर पर संतृप्ति हासिल की गई।
फाइलों की सफाई और डिजिटलीकरण
भौतिक फाइलों की समीक्षा में 64,401 फाइलें देखी गईं, जिनमें 26 को राष्ट्रीय अभिलेखागार भेजने और 60,216 को नष्ट करने की पहचान हुई, जो पूरी तरह निपटाई गईं। ई-फाइलों में 714 की जांच हुई और 311 बंद की गईं। लोक अभिलेख अधिनियम 1993 के तहत हजारों फाइलें वर्गीकृत, डिजिटाइज और नष्ट की गईं, जिससे जगह बची और रिकॉर्ड खोज आसान हुई।
जगह मुक्त और राजस्व अर्जन
कार्यालय स्थान और राजस्व के मोर्चे पर 11,831 वर्ग फुट जगह खाली हुई तथा 4,91,758 रुपये की आय हुई। मुक्त जगह पर हरित कोने, बेहतर रिकॉर्ड कक्ष और उत्पादक कार्य वातावरण बनाए गए।
लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण
लंबित संदर्भों में सांसदों के 50, राज्य सरकारों के 6, अंतर-मंत्रालयी 27, संसदीय आश्वासनों के 11 और पीएमओ का एक संदर्भ निपटाया गया। जन शिकायतों के 879 मामले और 10 अपीलें सीपीग्राम्स पोर्टल से बंद की गईं।
ई-कचरा और पुरानी सामग्री का निपटान
ई-कचरे में पुराने कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस और फोटोकॉपी मशीनें अधिकृत रिसाइकलर्स को सौंपी गईं, जो पर्यावरण मंत्रालय के 2022 नियमों का पालन करती हैं। पुराना फर्नीचर और सामग्री नीलामी से हटाई गई।
सभी कार्यालयों की भागीदारी
अभियान में मुख्य सचिवालय (नई दिल्ली), कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु की शाखाएं, केंद्रीय एजेंसी सेक्शन (सुप्रीम कोर्ट), विधि आयोग, भारतीय विधि संस्थान, भारत अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र, सभी आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण पीठें और दिल्ली हाईकोर्ट, कैट और निचली अदालतों की मुकदमा इकाइयां शामिल रहीं।
साइबर सुरक्षा जागरूकता
30 अक्टूबर को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत साइबर सुरक्षा वेबिनार आयोजित हुआ। एनआईसी के विशेषज्ञों ने डेटा संरक्षण, पासवर्ड प्रबंधन, फिशिंग और सुरक्षित डिजिटल आदतों पर प्रकाश डाला।
विधि सचिव का संदेश
विधि सचिव डॉ. अंजू राठी राणा ने कहा कि स्वच्छता केवल शारीरिक सफाई नहीं, बल्कि अनुशासन, दक्षता और सार्वजनिक सेवा का गौरव है। विभाग के हर अधिकारी को इस सामूहिक सफलता के लिए बधाई। उन्होंने साप्ताहिक रिपोर्ट देखीं, निरीक्षण किए और कार्यान्वयन सुनिश्चित किया।
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विकसित भारत की दिशा में
विभाग विकसित भारत @2047 के विजन को डिजिटल परिवर्तन, प्रक्रिया सरलीकरण और सेवा उन्मुख शासन से मजबूत कर रहा है।



