देहरादून | केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज देहरादून स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र के नए स्नातकों को उनके पेशेवर जीवन की शुरुआत पर बधाई दी और पिछले एक दशक में भारत के स्वास्थ्य ढांचे में आए क्रांतिकारी बदलावों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में वैश्विक सुधार
जेपी नड्डा ने बताया कि भारत ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख आंकड़े साझा किए:
- संस्थागत प्रसव: अब देश में लगभग 89 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में हो रहे हैं।
- मातृ मृत्यु दर (MMR): प्रति लाख जीवित जन्मों पर यह 130 से घटकर 88 रह गई है।
- शिशु मृत्यु दर (IMR): प्रति हजार जीवित जन्मों पर यह 39 से घटकर 27 पर आ गई है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत ने पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में गिरावट के मामले में वैश्विक औसत को पीछे छोड़ दिया है।
आयुष्मान भारत और वित्तीय सुरक्षा
स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती बनाने पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई की सफलता का जिक्र किया।
- लाभार्थी: योजना के तहत अब 62 करोड़ लोगों (देश की लगभग 40% आबादी) को ₹5 लाख का मुफ्त बीमा मिल रहा है।
- कैंसर उपचार: अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं के हवाले से उन्होंने बताया कि इस योजना ने कैंसर के समय पर उपचार और वित्तीय सुरक्षा को काफी सुदृढ़ किया है।
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर: देशभर में 1.82 लाख केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहे हैं, जिनमें से 50,000 को गुणवत्ता के लिए प्रमाणित किया जा चुका है। लक्ष्य इसे 1 लाख तक ले जाने का है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और महामारी प्रबंधन
जेपी नड्डा ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में एम्स (AIIMS) की संख्या 6 से बढ़कर 23 हो गई है। उन्होंने भारत के कोविड-19 टीकाकरण अभियान की सराहना करते हुए इसे दुनिया का सबसे बड़ा और प्रभावी अभियान बताया, जिसके तहत 220 करोड़ से अधिक डोज लगाई गई। इसके अलावा, उन्होंने टीबी (तपेदिक) और मलेरिया नियंत्रण में भारत की प्रगति को डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुरूप बताया।
युवा डॉक्टरों से आह्वान
दीक्षांत समारोह में स्नातकों को चिकित्सा पेशे के सर्वोच्च आदर्शों को बनाए रखने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की असली ताकत डॉक्टरों की ‘करुणा और सक्षमता’ में निहित है। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत भी मौजूद रहे, जिन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर प्रकाश डाला।



