नई दिल्ली: आने वाले समय में भारत क्रूज पर्यटन का ग्लोबल सेंटर बनेगा। इसके लिए सोमवार को मुंबई में ‘वाटरवेज टू वंडर: अनलॉकिंग क्रूज टूरिज्म’ विषय पर होने जा रहे सम्मेलन में इसे बढ़ाने पर चर्चा होगी। मुंबई पोर्ट ट्रस्ट, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) और भारतीय बंदरगाह संघ (आईपीए) के सहयोग से होने वाले इस कार्यक्रम में भारत में क्रूज पर्यटन की संभावनाओं और विकास के लिए नीतिगत पहलों, बेहतर विधियों और नीतियों पर चर्चा होगी।
ये रणनीतियां हैं शामिल
सम्मेलन में पर्यटन मंत्रालय, महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम और अन्य क्षेत्रों के विशिष्ट व्यक्ति प्रस्तुतियां, पैनल चर्चाएं और संबोधन में हिस्सा लेंगे। क्रूज पर्यटन विकास के लिए रणनीतिक दृष्टि और नीतिगत परिप्रेक्ष्य, विकास के लिए नीतिगत और नियामक कारक, सांस्कृतिक और तटीय यात्रा कार्यक्रम, क्रूज टर्मिनल की बेहतर विधियों, स्मार्ट टर्मिनल संचालन और हरित बंदरगाह रणनीतियां शामिल हैं।
समुद्री और नदी क्रूज सर्किट के विकास पर होगी बात
नाविक सेल 4 द्वारा एक प्रस्तुति के माध्यम से पर्यटन और नौकाओं में उपलब्धियों और सुधारों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। यह पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) द्वारा स्थापित एक विशेष प्रकोष्ठ है जो पर्यटन, विशेष रूप से महासागर, नदी और लाइटहाउस पर्यटन एवं नौकाओं पर ध्यान केंद्रित करता है। इसका उद्देश्य कार्यात्मक, समुद्री और नदी क्रूज़ सर्किट विकसित कर भारत को क्रूज़ पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाना है।
जल परिवहन की विकास नीतियों का ख्याल रखता है आईडब्ल्यूएआई
आईडब्ल्यूएआई देश में अंतर्देशीय जल परिवहन की विकास संबंधी नीतियों पर ध्यान देता है। प्राधिकरण ने नदी क्रूज़ पर्यटन को बढ़ावा देने और टिकाऊ बुनियादी ढांचे, तकनीक-सक्षम संचालन और नियामक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कुशल जल परिवहन प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
पैनल चर्चा भी होगी
इस कार्यक्रम के दौरान उद्योग विशेषज्ञों की पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी जिसमें विकास नरवाल, आईएएस, एमडी, आईपीए ए.के. बंसल, मुख्य अभियंता, आईडब्ल्यूएआई ओपेश शर्मा, निदेशक (क्रूज़), जल परिवहन मंत्रालय, अंतरा क्रूज़/हेरिटेज रिवर जर्नीज़ प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि विकास मालवीय, निदेशक, नॉर्डिक क्रूज़लाइन प्रा.लि. और अन्य नदी क्रूज़ ऑपरेटर शामिल होंगे।
तैयार होगा रोडमैप
सम्मेलन के समापन पर भारत समुद्री सप्ताह (आईएमडब्ल्यू) 2025 पर प्रस्तुति होगी। अक्टूबर में आयोजित होने वाले आईएमडब्ल्यू 2025 का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में प्रगति, अवसरों और सहयोग को प्रदर्शित करना, घरेलू विकास और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।



