नई दिल्ली: वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने रोमानिया के ब्रासोव शहर में एक बड़ा बिजनेस फोरम आयोजित किया। यह कार्यक्रम ब्रासोव चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने बुखारेस्ट स्थित भारतीय दूतावास और भारत सरकार के DPIIT विभाग के साथ मिलकर करवाया। जितिन प्रसाद ने यहां भारतीय व्यापारियों की टीम का नेतृत्व किया। मुख्य उद्देश्य था भारत और रोमानिया के बीच निवेश और उद्योगों में सहयोग को मजबूत करना।
प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान
फोरम में ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस, रक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग सेवाएं और आईसीटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के व्यापारी शामिल हुए। दोनों देशों के नेता एक साथ आए ताकि नए अवसर तलाशे जा सकें। जितिन प्रसाद ने अपने भाषण में भारत को दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया। उन्होंने रोमानियाई कंपनियों को भारत आने का न्योता दिया। खासकर ‘मेक इन इंडिया’ और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाओं के जरिए भारत के विनिर्माण और नवाचार क्षेत्र में हिस्सा लेने को कहा।
नीतियों और अवसरों की जानकारी
एक विशेष प्रस्तुति में ‘भारत में व्यावसायिक अवसर’ पर चर्चा हुई। इसमें हाल की नीति बदलाव, व्यापार करने में आसानी के कदम और बड़े औद्योगिक गलियारों में राज्य स्तर के प्रोत्साहन बताए गए। इससे रोमानियाई व्यापारियों को भारत में निवेश की साफ तस्वीर मिली। फोरम में भारतीय और रोमानियाई कंपनियों ने संयुक्त उद्यम और तकनीकी साझेदारी के लिए समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। साथ ही मैचमेकिंग बातचीत हुई, जिसमें कंपनियां एक-दूसरे से सीधे जुड़ीं।
ब्रासोव की खासियत और भारत से समानता
ब्रासोव को आधुनिक रोमानिया का प्रतीक माना जाता है। यहां पुराने उद्योग नई तकनीकों से मिलते हैं, छोटे-मध्यम उद्यमों को बढ़ावा मिलता है और नवाचार फलता है। यह भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के विचार से बहुत मेल खाता है। भारत में भी MSMEs और स्टार्ट-अप विकास की रीढ़ हैं। ब्रासोव की औद्योगिक ताकत और भारत की विनिर्माण, डिजाइन व इंजीनियरिंग क्षमताओं में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं।
भविष्य की उम्मीद
यह फोरम मध्य और पूर्वी यूरोप के साथ भारत के व्यापार संबंधों में मील का पत्थर साबित हुआ। इससे स्थायी विनिर्माण, हरित ऊर्जा और हाई-टेक उद्योगों में लंबे समय के आर्थिक रिश्ते मजबूत होंगे। दोनों देशों की प्रतिबद्धता से नए अवसर पैदा होंगे, जो अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचाएंगे।



