नई दिल्ली: विश्व के लगभग 20 प्रतिशत चिप डिजाइन इंजीनियर भारत के पास हैं। इन्हीं मजबूत दिमागों से सरकार पूरा सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम विकसित कर रही है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में दी।
मंत्री ने बताया कि प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों ने भारत में चिप डिजाइन और अनुसंधान केंद्र स्थापित किए हैं। हाल ही में भारत में डिजाइन की गई 3 नैनोमीटर सेमीकंडक्टर चिप का अनावरण किया गया है। यह भारतीय इंजीनियरों की तकनीकी क्षमताओं और वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में भारतीय डिजाइन केंद्रों के महत्व को दर्शाता है। सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन में प्रतिभा विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई पहल की हैं। मसलन;
- VLSI डिजाइन और तकनीक, इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा नया पाठ्यक्रम।
- सेमीकंडक्टर डिजाइन क्षेत्र में 85,000 कुशल मानव संसाधन विकसित करना।
- चिप डिजाइन के लिए EDA (Electronic Design Automation) टूल्स प्रदान करना।
- अब तक 100 संस्थानों से 45 से ज्यादा छात्र रजिस्टर्ड हुए हैं
- NIELIT कैलीकट में सकिल्ड मैनपावर एडवांस्ड रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SMART) लैब की स्थापना की जा रही है। इसमें पूरे देश में एक लाख इंजीनियरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें से अब तक 44 हजार से ज्यादा इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
- सरकार उद्योग और विश्वविद्यालयों के साथ भी सहयोग कर रही है, जैसे Lam Research, IBM और Purdue University।
मंत्री ने कहा कि भारत अपनी विशाल प्रतिभा शक्ति का लाभ उठाकर वैश्विक सेमीकंडक्टर डिजाइन कंपनियों को अत्याधुनिक चिप डिजाइन के लिए भारत में अपनी कार्यबल का तेजी से विस्तार करने हेतु आकर्षित कर रहा है। Semicon India के तहत, भारत में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए ₹76,000 करोड़ की कुल योजना राशि को मंजूरी दी गई है। अब तक 6 सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और 22 डिजाइन-लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। 72 कंपनियों को चिप डिजाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर, जैसे EDA टूल्स और FPGA (Field Programmable Gate Array) बोर्ड्स Synopsys, Cadence, Siemens सरीखी कंपनियों से प्रदान किए गए हैं।
अमेरिका-चीन कहां हैं
पिछले दिनों आई कंसल्टिंग फर्म बीसीजी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में दुनियाभर के 32 फीसदी चिप डिजाइन इंजीनियर हैं। जबकि चीन में 28 प्रतिशत हैं। यूरोप का आंकड़ा महज चार फीसदी है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कुल तीन लाख चिप डिजाइन इंजीनियर हैं।
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