नई दिल्ली: अमेरिका के नए टैरिफ नियमों का असर भारत पर भी दिखने लगा है। भारतीय डाक विभाग ने घोषणा की है कि अमेरिका के लिए डाक सेवाएं फिलहाल अस्थायी रूप से बंद की जा रही हैं। डाक विभाग ने प्रेसनोट जारी करके यह जानकारी दी है।
दरअसल, अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) ने तय किया है कि अब डाक भेजने वाली कंपनियों या अन्य अधिकृत पक्षों को हर शिपमेंट पर शुल्क वसूलकर भेजना होगा। लेकिन इस प्रक्रिया को लागू करने से जुड़ी कई अहम बातें अभी तय नहीं हुई हैं। इसी वजह से अमेरिका जाने वाली उड़ान कंपनियों ने 25 अगस्त के बाद डाक सामग्री ले जाने से इनकार कर दिया है।
29 अगस्त से देश-विशेष इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट (IEEPA) टैरिफ स्ट्रक्चर के अनुसार अमेरिका जाने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय डाक सामानों पर कस्टम ड्यूटी देनी होगी। चाहे उनकी कीमत कितनी भी हो।
कौन-कौन सी सेवाएं मिलेंगी
25 अगस्त, 2025 से अमेरिका के लिए सभी तरह की डाक बुकिंग रोक दी जाएगी। केवल पत्र, दस्तावेज और 100 अमेरिकी डॉलर तक के मूल्य वाले उपहार भेजे जा सकेंगे। इन पर अमेरिका की ओर से फिलहाल छूट बनी रहेगी।
पहले से बुकिंग करने वालों के लिए
अगर किसी ने पहले ही ऐसी डाक बुक कराई है जिसे अब भेजा नहीं जा सकता, तो वह शुल्क वापसी के लिए आवेदन कर सकता है। डाक विभाग ने ग्राहकों से असुविधा के लिए खेद जताया है और भरोसा दिलाया है कि सेवाएं जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
मामला क्या है
अमेरिकी सरकार ने 30 जुलाई को घोषणा की थी कि 29 अगस्त से 800 डॉलर तक की शुल्क-मुक्त सीमा को खत्म किया जाएगा। यानी अब अमेरिका जाने वाली लगभग हर डाक वस्तु पर सीमा शुल्क लगेगा। हालांकि 100 डॉलर तक के उपहार इस नियम से बाहर रहेंगे।



