नई दिल्ली: जरा सोचिए कोई समाज खुद को सभ्य कैसे कह सकता है जहां की आधी आबादी डर में जीने को मजबूर हो। एक सुरक्षित दुनिया से बेहतर दुनिया कोई हो ही नहीं सकता। लेकिन WHO की ताजा रिपोर्ट भयावह है। WHO की तरफ से कहा गया है कि दुनिया की 84 करोड़ महिलाएं अपने जीवन में कभी न कभी यौन हिंसा का शिकार हो चुकी हैं। मतलब हर 3 में से एक महिला का यौन शोषण हुआ है। यह आंकड़ा न सिर्फ महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय को उजागर करता है बल्कि सवाल उठाता है कि उनके किए सम्मानजनक जीवन जीना कितना मुश्किल है।
हैरान कर रही रिपोर्ट
बुधवार को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन की एक नई रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले साल 15 साल और उससे ज़्यादा उम्र की 310 मिलियन महिलाओं ने फिजिकल या सेक्शुअल वायलेंस का सामना किया है। आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि इन 31 करोड़ महिलाओं के साथ उनके पतियों या करीबी पार्टनर ने ही ऐसा किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि महिलाओं के खिलाफ सेक्शुअल अब्यूज़ के मामले कम डेवलप्ड और लड़ाई-झगड़े वाले देशों में ज़्यादा आम हैं।
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पॉलिसी का मुद्दा नहीं
यह रिपोर्ट 2000 से 2023 के बीच 168 देशों से इकट्ठा किए गए डेटा पर आधारित है और इसे यूनाइटेड नेशंस के इंटरनेशनल डे फॉर द एलिमिनेशन ऑफ वायलेंस अगेंस्ट वीमेन से पहले जारी किया गया है, जो इस महीने के आखिर में मनाया जाएगा। WHO के डायरेक्टर-जनरल डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस का कहना है कि यह सिर्फ एक पॉलिसी का मुद्दा नहीं है, बल्कि महिलाओं की इज्जत, बराबरी और ह्यूमन राइट्स का सवाल है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर यह रिपोर्ट इस दुनिया की कड़वी सच्चाई को दिखाती है, जो सभ्यता की इमारत पर गर्व करती है। आप कहीं भी खड़े हों, हर तीन में से एक महिला किसी पुरुष के हाथों यौन हिंसा का शिकार हुई है।



