नई दिल्ली: राजधानी के मुखर्जी नगर स्थित बत्रा सिनेमा कॉम्प्लेक्स में “सुरक्षित सफर” अभियान के तहत सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन युग संस्कृति न्यास ने इफकोन स्ट्रैबैग के सहयोग से किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर सड़क सुरक्षा नियमों के पालन का संकल्प लिया।
हेलमेट को बताया जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “हेलमेट मैन ऑफ इंडिया” के नाम से प्रसिद्ध राघवेंद्र कुमार रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “हेलमेट केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे बड़ा साधन है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुद हेलमेट पहनें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

नुक्कड़ नाटक ने किया जागरूक
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने सड़क सुरक्षा पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए यातायात नियमों के महत्व को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया।
क्विज प्रतियोगिता और हेलमेट वितरण
कार्यक्रम में एक रोचक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को हेलमेट वितरित किए गए। इससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों की भागीदारी बढ़ी और उन्हें व्यावहारिक रूप से सुरक्षा के प्रति प्रेरित किया गया।
ट्रैफिक पुलिस ने दी जरूरी जानकारी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विशेष वैन के माध्यम से सड़क सुरक्षा से जुड़ी लघु फिल्में दिखाईं और लोगों को रोजमर्रा में अपनाए जाने वाले जरूरी नियमों के बारे में जागरूक किया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस के अरुण कुमार, सरिता और दिनेश शर्मा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

पुरस्कार और सम्मान समारोह
कार्यक्रम में राघवेंद्र कुमार को “रोड गार्जियन अवार्ड” से सम्मानित किया गया। इसके अलावा अन्य विशिष्ट अतिथियों को “सुरक्षित सफर एक्सीलेंस अवार्ड” प्रदान किए गए। नई दिल्ली पुलिस के एसआई प्रदीप कुमार को भी सम्मानित किया गया।
विशेष अतिथियों ने सराहा प्रयास
मुख्य अतिथि हर्ष कुमार (चेयरमैन, शिप्रा ग्रुप) ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने के लिए बेहद जरूरी हैं। वहीं संस्था के संस्थापक आचार्य धर्मवीर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जन-आंदोलन है, जिसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
सुरक्षित समाज की दिशा में पहल
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को हेलमेट वितरित किए गए और लोगों से अपील की गई कि वे हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, गति सीमा का पालन करें और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। यह आयोजन न केवल एक कार्यक्रम रहा, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत पहल साबित हुआ।



