नई दिल्ली। सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस) के परिवीक्षार्थियों (probationers) के लिए “जीईएम-भारत में सार्वजनिक खरीद में परिवर्तन” विषय पर एक दिवसीय अनुकूलन सत्र आयोजित किया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित जीईएम कार्यालय में हुआ। सत्र का उद्देश्य नए अधिकारियों को डिजिटल सार्वजनिक खरीद प्रणाली और उसके महत्व से परिचित कराना था।
सीईओ मिहिर कुमार ने अनुभव साझा किया
जीईएम के सीईओ मिहिर कुमार ने अपने मुख्य भाषण में जोर देकर कहा कि डिजिटल खरीद व्यवस्था देश में पारदर्शी, जवाबदेह और भविष्य के अनुरूप शासन ढांचा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जीईएम सिर्फ खरीद प्रक्रियाओं को सरल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी हितधारकों को ऐसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराता है, जो निर्णय-प्रक्रिया को तेज, डेटा-आधारित और पूरी तरह अनुपालन योग्य बनाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि रक्षा क्षेत्र में चल रहे इस बड़े बदलाव को आगे बढ़ाने में रक्षा लेखा सेवा के पेशेवर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
दिनभर चले इस अनुकूलन कार्यक्रम में जीईएम के वर्टिकल प्रमुखों और डोमेन विशेषज्ञों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत सत्र लिए। इनमें प्रमुख खरीद अवधारणाएं, प्रक्रियाएं और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां, खरीदारों की चुनौतियां और प्लेटफॉर्म-आधारित समाधान, अनुपालन आवश्यकताएं और नीतिगत ढांचा, शिकायत निवारण, घटना प्रबंधन और सहायता प्रणालियां शामिल थीं। इसके अलावा, जीईएम पोर्टल का व्यापक व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया।
संवाद आधारित चर्चाओं के माध्यम से परिवीक्षार्थियों को जीईएम टीमों से सीधे जुड़ने, अपने सवाल पूछने और मांग सृजन, बोली प्रक्रिया, अनुबंध प्रबंधन और भुगतान सहित संपूर्ण खरीद चक्र को समझने का अवसर मिला।
2024 बैच के 17 आईडीएएस परिवीक्षार्थियों ने जीईएम का दौरा किया
विभागीय प्रशिक्षण और सीजीडीए मुख्यालय से जुड़े कार्यक्रम के तहत 2024 बैच के 17 आईडीएएस परिवीक्षार्थियों ने जीईएम का दौरा किया। यहां उन्हें भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल सार्वजनिक खरीद इकोसिस्टम का व्यावहारिक अनुभव मिला। सत्र के दौरान उन्हें जीईएम के मूल सिद्धांतों, शासन प्रणाली और तकनीक-आधारित सुधारों से अवगत कराया गया, जिनके कारण सरकारी खरीद में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
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जीईएम ने कहा है कि वह रक्षा संस्थानों के साथ अपनी साझेदारी और मजबूत करेगा तथा संरचित प्रशिक्षण एवं क्षमता-विकास कार्यक्रमों के माध्यम से सार्वजनिक वित्त और खरीद क्षेत्र के आने वाली पीढ़ी के पेशेवरों को तैयार करने के लिए लगातार प्रयासरत रहेगा।



